
रमेश राजपूत
जांजगीर-चांपा – जिले में एक युवक की आत्महत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए सुसाइड वीडियो के बाद पुलिस ने मामले की जांच की, जिसमें सामने आया कि युवक को असली पुलिस नहीं बल्कि एक युवक ने फर्जी पुलिस बनकर फोन पर धमकाया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक सनत कुमार कश्यप 25 वर्ष पिता धनीराम कश्यप, निवासी चोरभट्टी थाना मुलमुला जिला जांजगीर-चांपा, वर्तमान में अशोक लीलैंड वर्कशॉप ग्राम पताढ़ी थाना उरगा क्षेत्र में रह रहा था। 13 मार्च 2026 को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सनत कुमार कश्यप ने आत्महत्या से पहले कहा था कि बलौदा थाना के पंतोरा चौकी से पुलिसकर्मी फोन कर उसे गाली-गलौज कर प्रताड़ित कर रहे हैं, जिससे परेशान होकर वह आत्महत्या कर रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जांजगीर-चांपा पुलिस ने तत्काल मामले की जांच शुरू की। जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया।

पता चला कि कोरबा जिले के गेवरा बस्ती निवासी सचिन खरे 30 वर्ष की बहन स्नेहा खरे 21 वर्ष 12 मार्च को कॉलेज जाने का कहकर घर से निकली थी, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटी। उसकी तलाश करने पर सचिन को जानकारी मिली कि वह धीरेन्द्र पाटले नामक युवक के साथ गई है, जो उसका रिश्तेदार मामा का लड़का है। इसके बाद सचिन खरे ने धीरेन्द्र पाटले के दोस्त सनत कश्यप को डराने के लिए खुद को पुलिसकर्मी बताकर फोन किया। उसने अपने भाई शैलेन्द्र पाटले के मोबाइल नंबर से मृतक सनत कश्यप के नंबर पर कॉल कर खुद को पंतोरा चौकी का पुलिसकर्मी बताते हुए गाली-गलौज की और थाने आने के लिए कहा।

फर्जी पुलिस की धमकी से घबराकर सनत कश्यप ने आत्महत्या कर ली। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी सचिन खरे को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद थाना बलौदा में अपराध क्रमांक 113/26 के तहत धारा 204 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, आरोपी की बहन स्नेहा खरे की गुमशुदगी की रिपोर्ट कोरबा जिले के कुसमुंडा थाने में दर्ज है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।