
रमेश राजपूत
रायगढ़ – जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में एक महिला पर धारदार लोहे के हसिया से प्राणघातक हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी और घायल महिला प्रेम विवाह के बाद पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे और दोनों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण यह घटना हुई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी संतोष दास महंत 32 वर्ष निवासी तेंदूभाठा थाना घरघोड़ा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी सास संतोषी महंत ने वर्ष 2011 में तुलेश्वर चौहान निवासी जोंगरा जिला सक्ती से प्रेम विवाह किया था और दोनों साथ रह रहे थे। हाल ही में दोनों तेंदूभाठा स्थित उनके घर में मकान निर्माण कार्य में सहयोग करने आए हुए थे। घटना 12 मार्च 2026 की रात करीब 11 बजे की है। प्रार्थी को गांव के एक पड़ोसी ने फोन कर बताया कि तुलेश्वर चौहान ने झगड़े के दौरान संतोषी महंत पर सब्जी काटने वाले लोहे के हसिया (परसूल) से हमला कर दिया है। सूचना मिलने पर परिजन घायल महिला को तत्काल घरघोड़ा अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में देखा गया कि संतोषी महंत के गर्दन, ठुड्डी और दोनों हाथ की उंगलियों में गंभीर चोटें आई थीं और काफी खून बह रहा था। परिजनों के अनुसार आरोपी तुलेश्वर चौहान ने पुरानी बात को लेकर गाली-गलौज करते हुए अचानक हाथ में रखे धारदार हसिया से हमला कर दिया।
प्रार्थी की शिकायत पर थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 89/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3) और 115(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पीड़िता के चिकित्सकीय परीक्षण की रिपोर्ट मिलने पर मामले में हत्या के प्रयास की धारा 109(1) बीएनएस भी जोड़ दी गई। पूछताछ में आरोपी तुलेश्वर चौहान 39 वर्ष पिता मोहन लाल चौहान निवासी जोंगरा पोस्ट मसनियाकला थाना व जिला सक्ती ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त धारदार लोहे का हसिया भी जब्त कर लिया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को 13 मार्च को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, एएसआई खेमराज पटेल, प्रधान आरक्षक पारसमनी बेहरा और आरक्षक भानु चंद्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में हिंसक घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।