
हरिशंकर पांडेय
मल्हार – रुक रुक कर हो रही बारिस से किसानों के चेहरे भी खिल गए है। क्योंकि पिछले 15 दिनों से पानी की कमी के कारण खेती का काम प्रभावित हो रहा था जिससे किसान भी चिंतित थे। पिछले दो तीन दिनों से हो रही थोड़ी बारिस भी किसानों की उम्मीद को बढ़ा दिया है हालांकि जितनी बारिस होनी चाहिए वो अब तक नही हुई है। खेत लबालब तो नही भरे है फिर भी रोपा व बियासी के काम मे तेजी आएगी। किसान धरमू वर्मा का कहना है कि धान फसल के लिए ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है इस लिहाज से बारिस नही हुई है उनका कहना है कि धान फसल के पूरी तरह पकने तक पानी की आवश्यकता होती है। किसान विजय वर्मा का कहना है कि इस बार समय मे बारिस नही होने से खेती पिछड़ गया है अमूमन हरेली के बाद बियासी का काम प्रारम्भ हो जाता था पर इस बार देरी हो गई फिर भी आने वाले दिनों में अच्छी बारिस होती रही तो फसल में नुकसान नही होगा। इस बार अल्प बारिस से तालाब भी नही भरे है। मानसून को आए हुए डेढ़ माह से ज्यादा हो गए परन्तु तालाबो की स्थिति में कोई इजाफा नही हुआ है किसानों का मानना है कि बारिस के दिनों में तालाब लबालब भरे होते है तो उम्मीद रहती है कि बारिस नही हुई तो फसल के लिए तालाब के पानी से पूर्ति होगी पर इस वर्ष ऐसी स्थिति नही दिख रही हालांकि आने वाले दिनों में अच्छी बारिस का ट्रेंड रहा तो तालाब भर जाएंगे। मल्हार के बड़े व प्रमुख तालाबो जिसमे परमेश्वरा तालाब, नैया व खैया तालाब, शिवसागर तालाब, बरबाँधा तालाब सहित विभिन्न तालाबो का जलस्तर बढ़ने से ही आम लोगो को सुकून मिलेगा। क्योकि इन तालाबो से बारहों माह लोगो की निस्तारी होती है। गुरुवार को भी सुबह से अच्छी बारिस का शिलशिला जारी रहा जिससे खेतो में पानी नजर आने लगा।