
रमेश राजपूत
बिलासपुर – पुलिस ने शादी के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए शहर में संचालित फर्जी मैरिज ब्युरो पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सरकंडा और कोतवाली थाना क्षेत्र में संचालित कॉल सेंटरनुमा दफ्तरों पर छापेमारी कर 4 आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई म्यूल खातों की जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर की गई। जांच में सामने आया कि विवाह कराने के नाम पर लोगों से पैसे जमा कराए जा रहे थे, लेकिन बदले में कोई वास्तविक सेवा नहीं दी जा रही थी। मामले की शुरुआत बिहार निवासी एक शिकायतकर्ता की ऑनलाइन शिकायत से हुई, जिसने उपयुक्त वधु उपलब्ध कराने के नाम पर 10 हजार रुपये जमा कराए थे। राशि लेने के बाद न तो कोई रिश्ता उपलब्ध कराया गया और न ही कोई सेवा दी गई। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की और सरकंडा क्षेत्र में संचालित एक मैट्रिमोनियल ऑफिस तक पहुंची। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गिरोह शादी के इच्छुक लोगों को भावनात्मक रूप से फंसाने के लिए युवतियों से फर्जी प्रोफाइल बनवाकर बातचीत कराता था। इसके जरिए ग्राहकों का भरोसा जीता जाता और फिर उनसे अलग-अलग बहानों से पैसे वसूले जाते थे। अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने 10 कंप्यूटर सेटअप, 70 मोबाइल फोन और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। साथ ही बैंक खातों की जांच में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन का भी पता चला है। गिरफ्तार आरोपियों में महारथी साहू, फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास, तरुणा उर्फ सोनु खरे और नीरा बाथम शामिल हैं। सभी के खिलाफ थाना सरकंडा में धारा 318(4) और 61(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शहर के अन्य इलाकों में संचालित ऐसे और भी मैरिज ब्युरो रडार पर हैं तथा जांच जारी है।