
उदय सिंह
बिलासपुर – जिले के मस्तुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मर्यादित, गतौरा के धान खरीदी केंद्र में हुए बड़े हेरफेर का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि खरीदी केंद्र में 919.96 क्विंटल धान कम पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 28 लाख 51 हजार रुपये बताई गई है। मामले में अपराध क्रमांक 213/2025 के तहत धारा 316(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज किया गया। शिकायत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, मस्तुरी बिलासपुर की ओर से थाना मस्तुरी में दर्ज कराई गई थी। आवेदन में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान उपार्जन नीति और सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करते हुए केंद्र में बड़े पैमाने पर अनियमितता की गई। संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में यह गड़बड़ी उजागर हुई। जांच में पाया गया कि संस्था प्रबंधक, अध्यक्ष और कंप्यूटर ऑपरेटर की मिलीभगत से धान की खरीदी और भंडारण में गंभीर हेरफेर कर शासकीय धान का गबन किया गया। इस मामले में पुलिस ने कोमल प्रसाद चंद्रकार 46 वर्ष निवासी कर्रा, राजेंद्र राठौर 64 वर्ष, निवासी बजरंग चौक, गतौरा, और हुलेश्वर धीरही 38 वर्ष, निवासी सुकुलकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की, जिसके बाद 03 अप्रैल 2026 को उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं मामले में धान खरीदी प्रभारी लव कुमार यादव का नाम भी सामने आया है, जिसकी भूमिका को लेकर आगे की जांच जारी है।इस कार्रवाई को धान खरीदी केंद्रों में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस का बड़ा प्रहार माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में भी इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। अब सवाल यह है कि किसानों के नाम पर चल रही खरीदी व्यवस्था में आखिर और कितने ऐसे खेल दबे पड़े हैं।