आकाश दत्त मिश्रा

प्रदेश में शराबबंदी की बात कहीं जा रही थी लेकिन नई सरकार ने फिलहाल शराबबंदी तो नहीं की है। असल में पूरा प्रदेश , खासकर महिलाएं शराबियों की वजह से तंग है। जिन मोहल्लों में शराब दुकान या चखना सेंटर है वहां शराबियों की वजह से महिलाओं और शरीफ लोगों को किस तरह अवांछित परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है यह वे बखूबी जानते हैं। शराबियों की वजह से शहर की शांत फिजा में जहर घुलता है। इससे भी सब वाकिफ है। अधिकांश अपराधों के पीछे भी शराब ही मुख्य वजह होती है। इस बात को बिलासपुर के नए पुलिस कप्तान प्रशांत अग्रवाल भी बखूबी समझते हैं। उन्होंने पदभार संभालते ही शराबियों पर नकेल कसने का इरादा जाहिर कर दिया है। अपने मातहतों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और शराब पीकर हुड़दंग करने वालों तथा आम जगह पर शराब पिलाने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाएं ।

सभी थाना प्रभारियों द्वारा आबकारी एक्ट के तहत अब तक 66 प्रकरणों में 67 व्यक्तियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इन सब के खिलाफ आबकारी एक्ट और प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जा रही है। भविष्य में भी पूरे जिले में इस तरह की कार्रवाई की जाएगी। जिसे लेकर शराबियों में खौफ बढ़ता जा रहा है। बिलासपुर में मदिरा प्रेमी बेलगाम हो चुके हैं। शराब दुकान से शराब खरीदकर कहीं भी बैठकर वे शराब पीने लगते हैं । खासकर शराब दुकान के सामने लगे चखना दुकानों में कुछ सामान खरीदकर वहीं वे सार्वजनिक रूप से शराब पीते हैं जिससे सड़क पर से गुजरने वाले लोगों ,खासकर महिलाओं और बच्चों को खासी तकलीफ होती है।

ऐसे असामाजिक तत्वों द्वारा महिलाओं पर अश्लील फिकरे भी कसे जाते हैं और सड़क पर उधम मचा कर, आने जाने वालों से दुर्व्यवहार किया जाता है। कई मामलों में शराब पीकर , शराबी अनजान लोगों से पैसों की मांग भी करते देखे गए हैं। अगर पुलिस कार्यवाही करती है तो फिर ऐसे तत्वों पर अंकुश लग पाएगा जो शहर की बेहतरी के लिए उठाया गया कदम साबित हो सकता है।