
जुगनू तंबोली
रतनपुर – नगर में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां आमरण अनशन के बाद तहसील प्रशासन को राम दरबार अतिथि निवास (होम स्टे) की सील हटाने का आदेश जारी करना पड़ा। मामला 9 जनवरी का है, जब तहसीलदार शिल्पा भगत के निर्देश पर नगरपालिका और थाना स्टाफ की संयुक्त टीम ने राम दरबार अतिथि निवास में औचक निरीक्षण किया था।

निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की आपराधिक, अनैतिक या अवैध गतिविधि नहीं पाई गई, इसके बावजूद कुछ कथित दस्तावेजी और प्रक्रियात्मक कमियों का हवाला देते हुए होम स्टे को तत्काल सील कर दिया गया।

सील की कार्रवाई के बाद होम स्टे संचालक देवकुमार लगातार तहसील, नगरपालिका और थाना कार्यालय के चक्कर लगाते रहे, लेकिन प्रशासन की ओर से न तो स्पष्ट रूप से कमियों की जानकारी दी गई और न ही समाधान का कोई ठोस रास्ता बताया गया। रोज़गार ठप होने और परिवार के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा होने से परेशान होकर संचालक देवकुमार ने 21 जनवरी से अपने पूरे परिवार के साथ आमरण अनशन शुरू कर दिया।

अनशन की खबर फैलते ही प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। संचालक द्वारा मांगे गए अधिकांश दस्तावेज तत्काल प्रस्तुत कर दिए गए, जिनकी जांच के बाद किसी भी प्रकार की गंभीर या दंडनीय कमी नहीं पाई गई। इसके बाद तहसीलदार ने राम दरबार अतिथि निवास की सील हटाने का आदेश जारी कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक निर्णयों की पारदर्शिता और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।