
उदय सिंह
बिलासपुर – जिले के मस्तूरी जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत भटचौरा में शासकीय भूमि पर हो रहे कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम पंचायत की सरपंच चंद्रकली पटेल ने आरोप लगाया है कि बाहरी क्षेत्र से आए कुछ लोग सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर मकान निर्माण करा रहे हैं। पंचायत स्तर पर रोक लगाने और नोटिस जारी करने के बावजूद निर्माण कार्य जारी है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित भूमि गांव के लिए सार्वजनिक उपयोग की महत्वपूर्ण शासकीय जमीन बताई जा रही है।

इसी स्थान के आसपास धान खरीदी केंद्र और अनुसूचित जाति मैट्रिक छात्रावास स्थित है। ऐसे में इस जमीन पर अतिक्रमण होने से भविष्य में गांव के विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह भूमि सुरक्षित रहे तो यहां आगे चलकर छात्रावास विस्तार, बैंक, शासकीय भवन या अन्य जनसुविधाओं का निर्माण किया जा सकता है।

सरपंच चंद्रकली पटेल ने बताया कि अतिक्रमण रोकने के लिए संबंधित लोगों को पंचायत की ओर से नोटिस जारी किया गया था और मौखिक रूप से भी समझाइश दी गई थी।

इसके बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुका। उन्होंने पूरे मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से करते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। कलेक्टर कार्यालय से संबंधित राजस्व विभाग को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए, लेकिन इसके बाद भी न तो क्षेत्रीय पटवारी मौके पर पहुंचे और न ही तहसील स्तर से कोई ठोस कदम उठाया गया। इसी निष्क्रियता को लेकर अब पंचायत और ग्रामीणों के बीच राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई की होती तो सरकारी भूमि पर निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ता। मामले में राजस्व अमले की चुप्पी से मिलीभगत की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। गांव में यह मुद्दा अब केवल भूमि विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा से भी जुड़ गया है।

सरपंच ने एक बार फिर जिला प्रशासन से मांग की है कि मौके पर सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाने की त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि शासकीय भूमि को सुरक्षित रखा जा सके और भविष्य में ग्रामीण हित के विकास कार्यों के लिए उसका उपयोग हो सके।