
उदय सिंह
बिलासपुर – सांदीपनी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, पेंड्री (मस्तूरी) बिलासपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का प्रथम दिवस गुरुवार को भव्य रूप से संपन्न हुआ। “औषधीय नैनो प्रौद्योगिकी एवं हर्बल विज्ञान में नवीन प्रगति एवं भविष्य की संभावनाएँ” विषय पर आधारित इस सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. पी.के. घोष, कुलपति, डॉ. सी.वी. रमन यूनिवर्सिटी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. शेखर वर्मा, प्राध्यापक, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि औषधीय नैनो प्रौद्योगिकी और हर्बल विज्ञान के क्षेत्र में सतत अनुसंधान और नवाचार की आवश्यकता है, जिससे आधुनिक और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं का विकास संभव हो सके। उन्होंने युवाओं को नई तकनीकों को अपनाने और शोध कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. राम कुमार साहु, सह-प्राध्यापक, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी, उत्तराखंड ने अपने व्याख्यान में आधुनिक अनुसंधान तकनीकों और औषधि निर्माण की नवीन विधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला, सम्मेलन के दौरान आयोजित तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रथम दिवस ज्ञानवर्धक और सफल रहा। द्वितीय दिवस में भी तकनीकी सत्र, पोस्टर प्रस्तुति एवं विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।