सक्ती

वेदांता प्लांट हादसे में 20 श्रमिकों की मौत… फर्नेस में ईंधन के अत्यधिक दबाव से फटा बायलर, लापरवाही पर कंपनी निदेशक समेत जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज

रमेश राजपूत

सक्ति -जिले के डभरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल की दोपहर हुए भीषण बायलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। दोपहर 2:33 बजे बायलर–01 में हुए इस हादसे में अब तक 20 श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार जारी है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश पटेल पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया। घायल श्रमिकों को तत्काल रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अपेक्स अस्पताल, मेट्रो अस्पताल समेत अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 20 श्रमिकों ने दम तोड़ दिया।
प्रारंभिक जांच में इस भयावह हादसे की चौंकाने वाली वजह सामने आई है। बायलर मुख्य निरीक्षक की तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार, बायलर फर्नेस के अंदर अत्यधिक मात्रा में ईंधन जमा हो जाने से अत्यधिक दबाव उत्पन्न हुआ, जिससे बायलर में विस्फोट हुआ। दबाव इतना अधिक था कि बायलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया, जिसके कारण यह विनाशकारी दुर्घटना हुई। एफएसएल सक्ती की रिपोर्ट में भी इसी कारण की पुष्टि की गई है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वेदांता कंपनी और एनजीएसएल द्वारा मशीनों के रख-रखाव और संचालन में गंभीर लापरवाही बरती गई। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने और उपकरणों की उचित निगरानी न होने के कारण बायलर के दबाव में अचानक उतार-चढ़ाव आया, जिसने इस बड़े हादसे को जन्म दिया। उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी रिपोर्टों के आधार पर प्रथम दृष्टया लापरवाही स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर वेदांता कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेंद्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ थाना डभरा में अपराध क्रमांक 119/2026 के तहत धारा 106(1), 289, 3(5) बीएनएस के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने इस मामले की विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया है। टीम में एसडीओपी सुमित गुप्ता, फोरेंसिक अधिकारी सृष्टि सिंह और थाना प्रभारी राजेश पटेल शामिल हैं। पुलिस विभाग तकनीकी विशेषज्ञों के साथ समन्वय कर हर पहलू की गहन जांच कर रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों और घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है, वहीं दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।

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