
रमेश राजपूत
बिलासपुर – देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी है। वहीं सीएनजी की कीमतों में भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू होने के बाद कई शहरों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।

पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ रही है और कई जगहों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल की किल्लत की स्थिति भी सामने आने लगी है। कुछ पेट्रोल पंपों के ड्राई होने की खबरों के बाद लोगों में घबराहट और बढ़ गई। हालात ऐसे बन गए कि लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने पंपों पर पहुंचने लगे, जिससे कई स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हो गई। कई शहरों में बाइक और कार चालकों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर तो वाहनों की लंबी कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण उन्हें भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था।

कंपनियों के अनुसार लंबे समय से कीमतें स्थिर रखी गई थीं, लेकिन अब घाटे की स्थिति को देखते हुए दरों में संशोधन करना आवश्यक हो गया था। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के आंकड़ों के मुताबिक भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की औसत कीमत पिछले तीन महीनों से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। अप्रैल 2026 में यह औसत करीब 114 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया, जबकि मई में भी यह लगभग 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में राहत नहीं मिली तो आने वाले समय में ईंधन के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है। कीमतों में इजाफे के बाद अब परिवहन लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी पड़ सकता है।

ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाद्य सामग्री, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने की संभावना है। इधर शासन और प्रशासन ने लोगों से पैनिक नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई लगातार जारी है। लोगों से केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल लेने की अपील की जा रही है ताकि कृत्रिम संकट की स्थिति न बने। कई क्षेत्रों में पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा लिमिट तय कर सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है, जिससे सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराया जा सके।