
जुगनू तंबोली
बिलासपुर – तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक बार फिर दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। रतनपुर क्षेत्र के बेलतरा में गुरुवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में कोयले से भरा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराते हुए पलट गया। हादसे की चपेट में आए बाइक सवार दो सगे भाइयों की ट्रेलर के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। मिली जानकारी के अनुसार बेलतरा निवासी संदीप रजक 23 वर्ष और प्रदीप रजक 20 वर्ष पिता कुश कुमार रजक निवासी बेलतरा दोनों भाई शिवम मोटर्स में काम करते थे। मजदूरी कर दोनों भाई अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। गुरुवार शाम रोज की तरह दोनों काम खत्म कर बाइक क्रमांक CG10 BQ 6304 से अपने घर लौट रहे थे। रात करीब आठ बजे जब वे बेलतरा स्थित पेट्रोल पंप के पास पहुंचे, तभी कोरबा की ओर से आ रहा तेज रफ्तार कोयले से भरा ट्रेलर क्रमांक CG 12 BH 2296 अचानक अनियंत्रित हो गया। ट्रेलर पहले डिवाइडर से टकराया और फिर सड़क पर पलट गया। इसी दौरान बाइक सवार दोनों भाई ट्रेलर की चपेट में आ गए और भारी वाहन के नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए राहत कार्य शुरू कराया। ट्रेलर के नीचे दबे दोनों भाइयों को निकालने के लिए तत्काल बैकहो लोडर मंगवाया गया। काफी मशक्कत के बाद दोनों के शवों को बाहर निकाला गया और पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शुक्रवार को दोनों शवों का पीएम कराया जाएगा।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए एएसपी मधुलिका सिंह और डीएसपी नुपूर उपाध्याय भी मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और यातायात व्यवस्था को संभालते हुए ट्रेलर हटवाकर हाईवे पर आवागमन शुरू कराया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण ट्रेलर की तेज रफ्तार सामने आ रही है।इधर, दोनों भाइयों की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो अपनों के शव देखकर उनकी आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने बताया कि संदीप और प्रदीप दोनों मेहनती युवक थे और परिवार का पालन-पोषण करने में जुटे रहते थे। एक ही झटके में परिवार के दो कमाऊ सदस्यों की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। बेलतरा का यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। आए दिन हो रहे ऐसे हादसों में कई परिवार उजड़ रहे हैं, लेकिन रफ्तार का यह कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है।