
रमेश राजपूत
रायगढ़ – तमनार-पूंजीपथरा मार्ग पर मिली अधेड़ महिला की जली हुई लाश के मामले में रायगढ़ पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार महिला की हत्या उसके ही प्रेमी ने विवाद के बाद गला घोंटकर की थी। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जला दिया गया। पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र की मदद से 72 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली। पुलिस के अनुसार 17 जून 2026 को तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले पगडंडी मार्ग पर मायाराम सालिकराम क्रेशर के पास एक अधेड़ महिला का जला हुआ शव मिला था। शव के आसपास घसीटने के निशान भी मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूंजीपथरा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। मृतिका की पहचान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने मृतिका के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया सहित स्थानीय औद्योगिक क्षेत्रों में प्रसारित किए। इसी दौरान लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाले इमिलीयूस तिग्गा और उसके साथ रहने वाली महिला के अचानक गायब होने की जानकारी मिली। सोशल मीडिया पर प्रसारित फोटो और वीडियो देखकर जशपुर जिले के ग्राम बोरो से पहुंचे दो युवकों ने शव के कपड़ों और अन्य सामान के आधार पर महिला की पहचान अपनी मां मंगरिता एक्का 60 वर्ष के रूप में की। पुलिस को पता चला कि मंगरिता पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी का काम करती थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर इमिलीयूस तिग्गा को जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र से हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह करीब तीन माह पहले मंगरिता के संपर्क में आया था और दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। आरोपी के अनुसार मंगरिता अक्सर उसके दूसरी पत्नी रखने की बात को लेकर विवाद करती थी। घटना वाले दिन दोनों घर से निकले थे। रास्ते में महुआ पेड़ के नीचे शराब पीने के दौरान विवाद बढ़ गया। इसी दौरान आरोपी ने मंगरिता की साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में शव को झाड़ियों में छिपाकर पेट्रोल खरीदा और क्रेशर डस्ट के पास ले जाकर आग लगा दी, ताकि उसकी पहचान न हो सके। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पेट्रोल की बोतल, माचिस और अन्य भौतिक साक्ष्य बरामद किए हैं। आरोपी इमिलीयूस तिग्गा पिता फेदोर तिग्गा उर्फ कादार तिग्गा 45 वर्ष निवासी अमडीहा, थाना फरसाबहार, जिला जशपुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी जांच और सूचना तंत्र के प्रभावी उपयोग से आरोपियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जा रहा है।