
रमेश राजपूत
बिलासपुर – शहर के रिंगरोड 2 स्थित नोबल हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और जिम्मेदार डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम भिलौनी काठाकोनी निवासी अजय ताम्रकार सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए नोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने भर्ती के समय उपचार के नाम पर पैसे जमा करा लिए, लेकिन मरीज का ऑपरेशन दो दिन तक नहीं किया। उनका कहना है कि देरी से ऑपरेशन किए जाने के बाद अजय ताम्रकार की मौत हो गई,

जिसके लिए अस्पताल की लापरवाही जिम्मेदार है।परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर का नाम और हस्ताक्षर अस्पताल के दस्तावेजों में दर्ज नहीं हैं। उनका दावा है कि अजय को केवल गले के नीचे की हड्डी में चोट आई थी और समय पर उचित इलाज मिलता तो उनकी जान बच सकती थी। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों से इनकार किया है। अस्पताल का कहना है कि मरीज पहले से ही गंभीर स्थिति में था और वह उच्च रक्तचाप तथा मधुमेह जैसी बीमारियों से भी पीड़ित था।

प्रबंधन के अनुसार, भर्ती के समय ही परिजनों को मरीज की गंभीर स्थिति और इलाज के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से अवगत करा दिया गया था। हालांकि, परिजनों ने अस्पताल के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है,

जिसमें जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की मौत इलाज में लापरवाही से हुई या उसकी गंभीर चिकित्सकीय स्थिति इसके लिए जिम्मेदार थी।