
रमेश राजपूत
रायपुर – रेत, रियल एस्टेट और बुलियन मार्केट में निवेश-ट्रेडिंग के पैसों के लेन-देन ने दो शिक्षकों की दोस्ती को खूनी अंजाम तक पहुंचा दिया। 30 लाख रुपये की उधारी और तीन महीने के ब्याज के विवाद में एक शिक्षक ने अपने ही साथी शिक्षक की हत्या कर दी। आरंग पुलिस और एसीसीयू ने अंधे कत्ल का 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 17 सितंबर को ग्राम बनचरौदा के पास शिवकुमार चंद्राकर 46 वर्ष का शव मिला था। सिर और चेहरे पर धारदार व कठोर वस्तु से वार के निशान थे। सूचना पर पुलिस ने फॉरेंसिक, डॉग स्क्वाड और साइबर टीम की मदद से जांच शुरू की। मृतक को आखिरी बार साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश के साथ सफेद स्कूटी से बनचरौदा की ओर जाते देखा गया था। जांच के दौरान कुम्हारी स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और शिक्षा विभाग के वीएसके (VSK) ऐप की लॉग रिपोर्ट ने अहम सुराग दिया। पुलिस के मुताबिक घटना के दिन चंद्रप्रकाश सुबह 9.35 बजे स्कूल पहुंचा, फिर निजी काम का बहाना बनाकर बाहर चला गया। दोपहर करीब 12.50 बजे लौटने पर उसने अपने मोबाइल से वीएसके ऐप में लॉगिन नहीं किया, बल्कि साथी शिक्षक के मोबाइल से उपस्थिति दर्ज की। जांच में यह गतिविधि लॉग रिपोर्ट में सामने आई।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और शिवकुमार पिछले चार वर्षों से परिचित थे और रेत, रियल एस्टेट तथा बुलियन मार्केट में साथ कारोबार करते थे। आरोपी का दावा है कि उसने शिवकुमार को करीब 30 लाख रुपये उधार दिए थे। इसके बदले तीन ब्लैंक चेक लिए थे। पिछले तीन महीने से ब्याज नहीं मिलने और कथित विवाद के चलते आरोपी ने हत्या की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक 17 सितंबर को दोनों की मुलाकात कुम्हारी स्कूल के पास हुई। पैसों को लेकर विवाद बढ़ने पर दोनों बनचरौदा के सुनसान क्षेत्र में पहुंच गए। वहां आरोपी ने स्कूटी में रखे धारदार हथियार से शिवकुमार के सिर के पीछे वार किया और गिरने के बाद हथौड़े से सिर व चेहरे पर कई वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा, तीन ब्लैंक चेक, मृतक का पर्स, दोनों मोबाइल फोन तथा खून से सने जूते, मोजे और कपड़े जब्त किए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।