
रमेश राजपूत
बिलासपुर – सिरगिट्टी क्षेत्र में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक होने के शक में पकड़े गए 23 लोगों के मामले में पुलिस जांच के बाद नया अपडेट सामने आया है। दस्तावेजों और स्थानीय स्तर पर कराए गए सत्यापन के बाद 19 लोगों के भारतीय मूल के नागरिक होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद उन्हें रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर से रिहा कर दिया गया है। वहीं चार लोगों के दस्तावेजों में कमियां मिलने के कारण उन्हें फिलहाल रोका गया है। दरअसल, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 5 सितंबर को सिरगिट्टी क्षेत्र में रहने वाले 23 लोगों को संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में हिरासत में लिया था। पुलिस ने करीब 10 से 15 दिनों तक इन लोगों की गतिविधियों और दस्तावेजों की जांच की थी। जांच के दौरान कुछ लोग अपने बताए गए स्थानीय पते पर नहीं मिले, जिसके बाद उनके संबंध में संदेह गहराया और विशेष अभियान के तहत कार्रवाई की गई। हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रायपुर के डिटेंशन सेंटर भेजा गया था। इसके बाद बिलासपुर एसएसपी ने संबंधित लोगों के मूल जिलों के पुलिस कप्तानों को पत्र भेजकर उनकी पहचान और स्थायी निवास की पुष्टि कराने के निर्देश दिए। इनमें पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, मालदा, जंगीपुर और दिनाजपुर सहित अन्य क्षेत्रों से जुड़े पते शामिल थे। स्थानीय प्रशासन से प्राप्त लिखित जानकारी में 19 लोगों के परिवार, स्थायी निवास और मतदाता सूची में नाम सहित विभिन्न जानकारियां उपलब्ध कराई गईं। दस्तावेजी सत्यापन के आधार पर इन 19 लोगों को होल्डिंग सेंटर से रिलीज कर दिया गया। वहीं, चार लोगों के मामले में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। इनके दस्तावेजों में कमी और स्थायी पते की पुष्टि नहीं होने के साथ एसआईआर में नाम डिलीट होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन दस्तावेजों का दोबारा सत्यापन कर रही है। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि 19 लोगों की भारतीय नागरिकता से संबंधित दस्तावेजी पुष्टि होने के बाद उन्हें रिहा किया गया है, जबकि चार लोगों का सत्यापन अभी जारी है।