
जुगनू तंबोली
रतनपुर – धार्मिक नगरी रतनपुर स्थित सिद्ध शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की गुप्त नवरात्र गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हो गई। नौ दिनों तक चले धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। समापन अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, हवन, पूर्णाहुति तथा कन्या पूजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। गुप्त नवरात्र के अंतिम दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां महामाया के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां भगवती का विशेष श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद हवन एवं पूर्णाहुति के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान का विधिवत समापन हुआ। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने मां महामाया से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। मां महामाया ट्रस्ट की ओर से कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन किया गया, जिसमें बालिकाओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए सामूहिक प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

महामाया मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतीश शर्मा ने बताया कि आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्र शक्ति साधना और तंत्र उपासना के लिए विशेष महत्व रखती है। इन नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती का पाठ, अखंड ज्योति, नियमित आरती तथा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। उन्होंने कहा कि गुप्त नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की आराधना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने तथा आध्यात्मिक उन्नति का विशेष फल प्राप्त होने की मान्यता है। गुप्त नवरात्र के सफल आयोजन के बाद मंदिर ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं, पुजारियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समापन अवसर पर पूरे मंदिर परिसर में भक्तिभाव और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।