
रमेश राजपूत
बिलासपुर – शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ए.के. भारद्वाज ने गुरुवार को तखतपुर विकासखंड के कई विद्यालयों और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक और कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित मिले, जिस पर संयुक्त संचालक ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा अनुपस्थित अवधि का वेतन काटने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमसेना, शासकीय हाई स्कूल कुरेली, शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लाखासार तथा बीईओ कार्यालय तखतपुर का जायजा लिया गया।

उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन, स्वच्छता और शिक्षकों की नियमितता की विस्तार से समीक्षा की। अमसेना विद्यालय में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, हालांकि परिसर की साफ-सफाई में सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं कुरेली हाई स्कूल और लाखासार उच्च माध्यमिक विद्यालय में कई शिक्षक एवं कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संयुक्त संचालक ने तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने और नियमानुसार वेतन कटौती की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मॉनिटरिंग कमजोर पाए जाने पर संस्था प्रमुखों को भी कड़ी फटकार लगाई गई।
बीईओ कार्यालय तखतपुर के निरीक्षण में सेवा पुस्तिकाओं का संधारण, लंबित पेंशन प्रकरण, मध्यान्ह भोजन योजना, बायोमेट्रिक उपस्थिति तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण की समीक्षा की गई। आवश्यक अभिलेखों के रखरखाव और कार्यों में कमियां मिलने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।
संयुक्त संचालक श्री भारद्वाज ने सभी संस्था प्रमुखों को नियमित शिक्षण कार्य संचालित करने, समयबद्ध ढंग से पाठ्यक्रम पूरा कराने, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा विद्यार्थियों से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने शेष बची पाठ्यपुस्तकों और गणवेश के वितरण को शीघ्र पूरा करने तथा शासकीय हाई स्कूल कुरेली में साइकिल वितरण तत्काल सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में अनुशासन, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।