
रमेश राजपूत
बिलासपुर – दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत आरपीएफ और जीआरपी को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई में बिहार के मुंगेर जिले के कुख्यात ‘पेपर गैंग’ के छह शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों ने चलती ट्रेन में यात्री के प्लास्टिक बॉक्स से करीब 2.74 लाख के सोने के आभूषण चोरी कर लिए थे। मामले में गिरोह के दो मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई 2026 को गाड़ी संख्या 58214 टिटलागढ़ पैसेंजर में रायगढ़ निवासी यज्ञ नारायण सोनी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बिलासपुर से रायगढ़ की यात्रा कर रहे थे। यात्रा समाप्त होने के बाद उन्हें पता चला कि उनके प्लास्टिक बॉक्स में रखे सोने के आभूषण गायब हैं। इसके बाद उन्होंने जीआरपी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ की अपराध आसूचना शाखा (सीआईबी) और जीआरपी ने संयुक्त जांच शुरू की। जांच के दौरान बिलासपुर, जयरामनगर, अकलतरा, नैला और चांपा रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसके साथ ही शहर के ट्रैफिक कैमरों और तकनीकी निगरानी की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी वारदात के बाद एक होटल में ठहरे थे और सभी बिहार के बरियारपुर (मुंगेर) के संगठित ‘पेपर गैंग’ से जुड़े हुए हैं।तकनीकी निगरानी के दौरान यह भी पता चला कि गिरोह दोबारा बिलासपुर क्षेत्र में चोरी की नई वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। सूचना मिलते ही 26 जुलाई को आरपीएफ की सीआईबी और जीआरपी की टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए छत्तीस कुमार (42), सागर (23), पिंटू राज (38), उदय कुमार (35), शिंटू कुमार (29) और हिमांशु कुमार (20) को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी बिहार के बरियारपुर, मुंगेर के निवासी हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी रेलवे यात्रियों से चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। वहीं गिरोह का सरगना रणजीत कुमार मंडल और उसका साथी दीपक कुमार मंडल अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।आरपीएफ के अनुसार, ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत सीसीटीवी विश्लेषण, तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचना और जीआरपी के साथ समन्वित कार्रवाई के जरिए रेलवे में सक्रिय अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में रेलवे में हुई अन्य चोरी की घटनाओं का भी खुलासा होने की संभावना है। यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और रेलवे परिसरों को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।