
रमेश राजपूत
बिलासपुर – सिरगिट्टी के मुख्य मार्ग के पास वार्ड क्रमांक 11 में निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स के लिए खोदा गया करीब 20 फीट गहरा विशाल गड्ढा अब लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। बारिश के बाद गड्ढे में पानी भरने से यह किसी तालाब जैसा दिखाई दे रहा है, जबकि इसके भीतर जगह-जगह निकले लोहे के सरिये हादसे को और भी भयावह बना रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि निर्माण स्थल पर न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है और न ही चारों ओर कोई मजबूत बाउंड्रीवाल बनाई गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस निर्माण कार्य को शुरू हुए करीब चार से पांच साल का समय बीत चुका है, लेकिन निर्माण स्थल लंबे समय से जस का तस पड़ा हुआ है। इतने लंबे समय से खुले पड़े इस गड्ढे को लेकर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं।

बच्चों और राहगीरों के लिए यह स्थान कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, कई बार मवेशी भी इस गड्ढे में गिर चुके हैं। उन्हें बाहर निकालने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बावजूद अब तक निर्माण स्थल को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। न चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, न बैरिकेडिंग की गई है और न ही गड्ढे के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने लंबे समय से खुले पड़े इस जानलेवा गड्ढे पर जिम्मेदार विभागों की नजर क्यों नहीं पड़ रही? अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामलों में तत्काल कार्रवाई करने वाला नगर निगम प्रशासन यहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर अब तक मौन क्यों है? नगर पंचायत सिरगिट्टी के पूर्व अध्यक्ष सतनाम सिंह खनूजा ने बताया कि उन्होंने निर्माण स्थल पर बरती जा रही लापरवाही की जानकारी राजस्व विभाग को दी थी। इसके बावजूद अब तक न तो सुरक्षा व्यवस्था कराई गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।
ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते गड्ढे की घेराबंदी और अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो किसी दिन यहां होने वाली अनहोनी की जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?