
टेकचंद कारड़ा
बिलासपुर -तखतपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत समडील में घोंघा नदी में बह गए तीनों मासूम बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं। स्कूल से छुट्टी के बाद शॉर्टकट रास्ते से नदी पार कर घर लौट रहे बच्चों के अचानक तेज बहाव की चपेट में आने से यह दर्दनाक हादसा हुआ था। कल शाम से एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। एक बच्चे का शव कल ही बरामद हो गया था, जबकि आज सुबह दो अन्य बच्चों के शव भी खोज लिए गए। तीनों शव मिलने के साथ ही तलाश अभियान पूरा हो गया, लेकिन इस हादसे ने पूरे गांव और क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम समडील निवासी 7 वर्षीय अनमोल जायसवाल पिता भुवनेश्वर जायसवाल, 9 वर्षीय सिद्धि जायसवाल पिता भुवनेश्वर जायसवाल और 8 वर्षीय रिद्धि जायसवाल पिता विजय जायसवाल स्कूल से छुट्टी के बाद अपने घर लौट रहे थे। बताया गया कि बच्चे सामान्य रास्ते के बजाय शॉर्टकट रास्ते से घोंघा नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान नदी का बहाव अचानक तेज हो गया और तीनों मासूम पानी की चपेट में आकर बह गए। हादसे की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल बच्चों की तलाश शुरू की और पुलिस को घटना की सूचना दी। प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया, जिसके बाद नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। टीम ने कल शाम से लगातार बच्चों की तलाश की। कठिन परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने रातभर अभियान जारी रखा।
सर्च ऑपरेशन के दौरान एक बच्चे का शव कल बरामद किया गया था। इसके बाद दो अन्य बच्चों की तलाश के लिए अभियान जारी रखा गया। आज सुबह एसडीआरएफ की टीम ने नदी में तलाश करते हुए दोनों लापता बच्चों के शव भी बरामद कर लिए। तीनों मासूमों के शव मिलने के बाद परिजनों को इसकी जानकारी दी गई। बताया जा रहा है कि तीनों बच्चे एक ही परिवार के दो भाइयों के बच्चे थे। अनमोल जायसवाल केजी-2, जबकि सिद्धि और रिद्धि कक्षा तीसरी में पढ़ती थीं। स्कूल से घर लौटते समय हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। एक साथ तीन मासूमों की मौत की खबर से समडील गांव में मातम पसरा हुआ है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव का हर व्यक्ति इस घटना से स्तब्ध है। ग्रामीणों के बीच भी गहरा शोक है। घोंघा नदी में तीन बच्चों के बहने और फिर उनकी मौत की इस दर्दनाक घटना ने पूरे तखतपुर क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अंततः तीनों बच्चों की तलाश तो पूरी हो गई, लेकिन उनके परिवारों और पूरे क्षेत्र के लिए यह हादसा कभी न भूल पाने वाला दर्द बन गया है।