
रमेश राजपूत
बिलासपुर – कांग्रेसी नेता की हत्या की कथित साजिश रचने और सुपारी के लिए पैसे उपलब्ध कराने वाले मुख्य आरोपी को बिलासपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तारबाहर पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम ने तेलीपारा निवासी नवीन पटेल (38 वर्ष) को घेराबंदी कर पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कांग्रेसी नेता श्याम कश्यप को जान से मारने के लिए दीपक तिवारी को रकम उपलब्ध कराई थी।इस सनसनीखेज मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हत्या की कथित साजिश के पीछे की पूरी कहानी सामने आने की उम्मीद है।
मॉर्निंग वॉक के दौरान हुआ हमला
पुलिस के अनुसार, घटना 4 जुलाई 2026 की सुबह की है। प्रार्थी शिशिर कश्यप अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने गया था। इसी दौरान उसके पिता ने फोन कर बताया कि वह सुबह करीब 6.45 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे।जब वह रेलवे अस्पताल के पास पहुंचे, तभी तीन अज्ञात युवक मुंह पर कपड़ा बांधे हुए उनके पास पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों के हाथों में डंडा और नुकीली वस्तु थी। तीनों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।शिकायत के आधार पर थाना तारबाहर में अपराध क्रमांक 221/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तत्काल जानकारी दी गई।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस पहुंची आरोपियों तक
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर मामले की जांच तेज की गई। एएसपी क्राइम मधुलिका सिंह, एएसपी शहर पंकज पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार और डीएसपी क्राइम सुदीप सरकार के मार्गदर्शन में तारबाहर पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम गठित की गई।जांच टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा तकनीकी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल की पहचान कर संदिग्धों तक पहुंच बनाई। कार्रवाई के दौरान पहले नितिन टेकाम, साहिल सोनकर और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा गया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी ने कबूला जुर्म
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी नवीन पटेल को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने श्याम कश्यप की हत्या के लिए दीपक तिवारी को पैसे उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिन्हें जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की कथित साजिश के पीछे कौन-कौन शामिल था और इसके पीछे की असली वजह क्या थी। वही तारबाहर पुलिस और ACCU की इस संयुक्त कार्रवाई ने मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है।