
रमेश राजपूत
रायगढ़ – कापू पुलिस ने करीब चार महीने पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी पति देवानंद सिदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पत्नी चमेली सिदार की गला दबाकर हत्या करने, शव को घर के आंगन में जलाने और हड्डियों के अवशेष दफन कर साक्ष्य छिपाने का आरोप है। मामले का खुलासा डीएनए जांच रिपोर्ट से हुआ।
पुलिस के अनुसार ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार ने 28 अप्रैल 2026 को पत्नी चमेली के 16 अप्रैल की रात घर से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस को उसके बयान और व्यवहार में विरोधाभास नजर आया। इसके बाद परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ की गई तो संदेह पति पर गहराता गया। जांच में सामने आया कि देवानंद और चमेली ने करीब चार साल पहले प्रेम विवाह किया था और उनकी कोई संतान नहीं थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 16 अप्रैल की रात भाजी की सब्जी बनाने को लेकर दोनों में विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने चमेली का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।हत्या के बाद आरोपी ने शव को घर के आंगन में जला दिया और बची हुई हड्डियों को गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के लापता होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने एफएसएल अधिकारी की मौजूदगी में हड्डियों के अवशेष बरामद कर डीएनए परीक्षण कराया। रिपोर्ट में अवशेषों की पहचान चमेली सिदार के रूप में हुई। इसके बाद 23 अगस्त को थाना कापू में अपराध क्रमांक 140/2026 के तहत धारा 103(1), 238(ए) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया।गिरफ्तारी की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया था। पुलिस टीम ने तीन दिन तक गांव के बाहर कैम्प कर मुखबिर तंत्र सक्रिय रखा और अंततः आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने हत्या स्वीकार की। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा करने वाली कापू पुलिस टीम की सराहना की है।