
जुगनू तंबोली
बिलासपुर – रतनपुर क्षेत्र के भैंसाझार जंगल में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए खतरनाक विद्युत जाल ने वन्यजीवों के साथ-साथ इंसानी जिंदगी को भी खतरे में डाल दिया है। शिकारियों ने जंगल में करीब 300 मीटर लंबा बिजली का तार बिछाकर उसमें 11 केवी का करंट दौड़ा दिया। इसी करंट की चपेट में आने से एक गाय की मौत होने की जानकारी सामने आई है। जंगल में इस तरह खुलेआम मौत का जाल बिछाए जाने की खबर से वन विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही विद्युत विभाग, वन विभाग और रतनपुर पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। जंगल के भीतर करीब 300 मीटर तक 11 केवी करंट से जुड़ा तार बिछा देखकर टीम के भी होश उड़ गए। मौके की स्थिति से प्रथमदृष्टया आशंका जताई जा रही है कि यह विद्युत जाल जंगली जानवरों का शिकार करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।
300 मीटर तार और सामान जब्त

जांच के दौरान टीम ने मौके से करीब 300 मीटर विद्युत तार सहित अन्य सामान जब्त किया है। इसके अलावा घटनास्थल से दो साइकिल भी बरामद हुई हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि शिकारी जंगल के भीतर इसी रास्ते से पहुंचकर विद्युत तार का जाल बिछाने और उसे संचालित करने का काम कर रहे थे। हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
सीसीटीवी से खुल सकता है शिकारियों का राज
अब वन विभाग और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जाने की संभावना है। दो साइकिलों की बरामदगी भी जांच में अहम कड़ी साबित हो सकती है। पुलिस और वन विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस खतरनाक करंट जाल को किसने बिछाया और इसके पीछे कितने लोग शामिल थे।
वन्यजीवों के साथ इंसानों के लिए भी खतरा
11 केवी करंट का यह जाल सिर्फ जंगली जानवरों के लिए ही नहीं, बल्कि जंगल में आने-जाने वाले ग्रामीणों, चरवाहों और अन्य लोगों के लिए भी जानलेवा खतरा बन सकता था। वन विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि करंट के इस जाल की चपेट में आकर किसी अन्य वन्यजीव की मौत या शिकार तो नहीं हुआ है। मामले में आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी गई है।

