
रमेश राजपूत
बिलासपुर – कोटा थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय स्कूली छात्रा की आत्महत्या के मामले में मर्ग जांच के बाद पुलिस ने एक नाबालिग के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी छात्रा के लगातार संपर्क में था और स्कूल आने-जाने के दौरान उसका पीछा करता था। मोबाइल पर बातचीत के अलावा परिजनों की गैरमौजूदगी में घर में घुसकर छात्रा को डराने-धमकाने और मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप भी सामने आए हैं।मिली जानकारी के अनुसार 20 जून को 16 वर्षीय छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना के बाद कोटा पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान छात्रा के परिजन और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ की गई। संदेही नाबालिग के मोबाइल फोन का सीडीआर भी खंगाला गया।
सीडीआर और बयानों से मिले अहम सुराग
मर्ग जांच के दौरान मोबाइल सीडीआर, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को छात्रा और आरोपी नाबालिग के बीच लगातार बातचीत की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि युवक स्कूल आने-जाने के दौरान छात्रा का पीछा करता था। आरोप है कि वह परिजनों की गैरमौजूदगी में घर में घुसकर छात्रा को डराता-धमकाता और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। जांच में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोटा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 107 तथा पाक्सो एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में जुटी है।