
उदय सिंह
बिलासपुर – बिल्हा क्षेत्र में आबकारी विभाग की छापेमारी कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग की टीम पर दुर्व्यवहार, मोबाइल छीनने और एक व्यक्ति को अर्धनग्न करने से लेकर कार्रवाई का भय दिखाकर 40 हजार रुपये वसूलने तक के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और आबकारी आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में अवैध शराब के कारोबारियों पर कार्रवाई नहीं करने और उन्हें कथित संरक्षण देने के आरोप भी लगाए गए हैं।
कार्रवाई पर सवाल पूछा तो दुर्व्यवहार का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, बिल्हा क्षेत्र में अवैध शराब की छापेमारी करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम की कार्रवाई को लेकर एक स्थानीय व्यक्ति ने सवाल उठाए। आरोप है कि इस पर टीम ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया, मोबाइल छीन लिया और उसे अर्धनग्न कर दिया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके विपरीत, ऐसे कारोबारियों को कथित तौर पर संरक्षण दिया जा रहा है। इन आरोपों को लेकर अब विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पोड़ी में महिला के घर छापेमारी, 40 हजार लेने का आरोप
इसी दौरान बिल्हा क्षेत्र के ग्राम पोड़ी में गांजे की सूचना पर आबकारी विभाग की टीम द्वारा एक महिला के घर छापेमारी किए जाने का मामला भी सामने आया है। वीडियो में आरोप लगाया गया है कि आबकारी अधिकारी ऐश्वर्या मिंज के नेतृत्व में टीम सुबह महिला के घर पहुंची थी। इस दौरान कार्रवाई का भय दिखाकर कथित तौर पर 40 हजार रुपये वसूल किए गए। हालांकि, इस कथित छापेमारी में गांजा बरामद हुआ या नहीं, उसकी जब्ती की गई या नहीं और कोई विधिवत प्रकरण दर्ज किया गया या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। ऐसे में शिकायतकर्ता ने कार्रवाई के उद्देश्य और कथित वसूली को लेकर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि यदि गांजे की सूचना पर छापेमारी की गई थी, तो बरामदगी और कानूनी कार्रवाई का रिकॉर्ड भी सामने आना चाहिए।
जांच से सामने आएगी कार्रवाई की सच्चाई
शिकायतकर्ता ने पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि छापेमारी के दौरान वास्तव में क्या हुआ, क्या गांजे की जब्ती की गई और कथित तौर पर लिए गए 40 हजार रुपये के मामले में क्या तथ्य सामने आते हैं? फिलहाल, यह आरोप लगाए गए हैं। आबकारी विभाग का आधिकारिक पक्ष और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने आना बाकी है। मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।