
रमेश राजपूत
जांजगीर-चांपा – जिला जेल जांजगीर में विचाराधीन बंदी की मौत के करीब तीन साल बाद मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। वर्ष 2022 में हुई जगदीश गोंड की मौत के मामले में जांच के बाद पुलिस ने आबकारी विभाग के संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज किया है। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, जेल में दाखिल करने से पहले बंदी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। पुलिस ने थाना नवागढ़ में धारा 302 और 34 भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।
शराब के साथ पकड़ा गया, अगले दिन हुई मौत
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक जगदीश गोंड (30 वर्ष), निवासी ग्राम कटौद, थाना नवागढ़ की मौत के मामले में थाना जांजगीर में मर्ग क्रमांक 45/2022, धारा 174 दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के तहत जांच की जा रही थी। घटना 15 अप्रैल 2022 की है। उस दिन आबकारी वृत्त शिवरीनारायण की टीम ने देवरी मोड़, केरा-बिर्रा मार्ग पर कार्रवाई करते हुए जगदीश गोंड और महादेव गोंड को 30 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ पकड़ा था। कार्रवाई के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल जांजगीर भेज दिया गया था। लेकिन जेल पहुंचने के अगले ही दिन जगदीश की तबीयत बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद बंदी की मौत को लेकर जांच शुरू हुई थी।
सहबंदी के बयान और चोट के निशानों से खुला मामला
जांच के दौरान सहबंदी के बयान और शव पंचनामा में दर्ज चोट के निशानों के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि जेल में दाखिल करने से पहले जगदीश के साथ कथित रूप से मारपीट की गई थी। जांच प्रतिवेदन में मारपीट को उसकी मौत का कारण बताया गया है।
अब पुलिस करेगी आगे की जांच
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित आबकारी कर्मचारियों के खिलाफ हत्या और साझा आपराधिक मंशा से संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस की विवेचना जारी है। अब जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों, कथित मारपीट में संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और बंदी की मौत से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। तीन साल पुराने इस मामले में हत्या का अपराध दर्ज होने के बाद अब जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी।