
उदय सिंह
बिलासपुर – जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत मल्हार स्थित मां डिडनेश्वरी मंदिर परिसर में 16 अक्टूबर को आयुष विभाग की ओर से आयुर्वेद चिकित्सा एवं जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। आयुष आरोग्य मंदिर धुर्वाकारी के डॉ अमित पाल सिंह जुनेजा के द्वारा जिला आयुष अधिकारी डॉ यशपाल सिंह ध्रुव के मार्गदर्शन में निःशुल्क आयोजित इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं उपचार प्रदान किया। शिविर में कुल 265 मरीजों का उपचार किया गया।आयोजन में आयुष विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता रही। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देना तथा लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान ग्रामीणों को आयुर्वेद के महत्व, रोगों से बचाव और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अंतर्गत राज्य मंत्री के रूप में आनन्द निषाद तथा क्षेत्रीय विधायक दिलीप लहरिया की उपस्थिति रही। शिविर के आयोजन में आयुष विभाग की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। चिकित्सकों ने मरीजों की समस्याओं के अनुसार स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार संबंधी सलाह दी। शिविर के सफल संचालन में डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. नीरज मिश्रा, डॉ. पूजा पाटले, दुर्गेश मरावी, गिरधर पाटले, संगीता रत्नाकर सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का विशेष योगदान रहा। चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने मरीजों को आयुर्वेदिक उपचार के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के चिकित्सा शिविरों के आयोजन से लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। साथ ही आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ती है। शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों की सहभागिता ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता और उपयोगिता को भी रेखांकित किया। आयोजन के माध्यम से लोगों को आयुर्वेद अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने का संदेश दिया गया। आयुष विभाग का उद्देश्य ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।