
मंत्री की उम्मीदें आसमान छूती नज़र आ रही है उस पर संभाग की पुलिस किस हद तक खरा उतर पाएगी यह देखने वाली बात होगी ।फिलहाल तो यह दूर की कौड़ी नजर आ रही है।

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
शनिवार को प्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री ताम्रध्वज साहू पहली बार बिलासपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मंथन सभा कक्ष में पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक की शुरुआत में ही उन्होंने अपने इरादे जाहिर कर दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि पुलिस को अपनी छवि जनता के बीच बेहतर करने की जरूरत है ।पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए कि जनता पुलिस का सम्मान करें और अपराधी पुलिस के नाम से थर्राए लेकिन वर्तमान में हो उसका उलट रहा है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली में आमूलचूल परिवर्तन करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि जो भी पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी जनता के बीच सकारात्मक छवि बनाएंगे उन्हें सम्मानित किया जाएगा इसके उलट नकारात्मक छवि पेश करने वाले पुलिसकर्मियों को विभाग दंडित करेगी। पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक के दौरान गृह मंत्री ने खुद कहा कि उन्हें लगातार शिकायत मिलती है कि जब लोग थानों में शिकायत दर्ज कराने आते हैं तो उनकी शिकायत दर्ज नहीं की जाती। संभाग स्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि पुलिस ,जनता के साथ अभद्र व्यवहार करना छोड़ दे। थानों में जब भी कोई न्याय की उम्मीद लेकर आए तो उसकी यथासंभव मदद करें। पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार ना करें ।वहीं उन्होंने अधिकांश थानों में बढ़ते जा रहे लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे पर भी जोर दिया ।उन्हें कहा कि जो अपराधी फरार है उनकी गिरफ्तारी जल्द से जल्द करें ।वहीं उन्होंने माना कि पुलिस को अपने मुखबिर नेटवर्क को पुनः दुरुस्त करने की जरूरत है, क्योंकि मुखबिरों के माध्यम से ही पुलिस को अपराधियों की सही सूचना मिलती है। नशे के कारोबार और जुआ सट्टा पर सख्त तो होते हुए गृहमंत्री ने कहा कि नशे का व्यापार करने वालों और सट्टा खिलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए ,जिस भी थाना क्षेत्र में सट्टा खिलाने की शिकायत मिलेगी वहां थाना प्रभारी पर सीधी कार्यवाही होगी ।शनिवार की बैठक में गृह मंत्री ने कहां कि पूरे संभाग में यातायात व्यवस्था बदहाल है, जिसमें बहुत सुधार की जरूरत है। इसके लिए नागरिकों को जागरूक करना होगा। एंबुलेंस आदि अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाकी सब पर चालानी कार्रवाई की जाए ताकि वे यातायात नियमों का पालन करें। संभागीय बैठक में मौजूद रेंज के आईजी प्रदीप गुप्ता ने संभाग की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि कई जिलों में महिला और ट्रैफिक थानों की जरूरत महसूस की जा रही है ।थानों का सीमा क्षेत्र विस्तृत होने की वजह से भी प्रकरणों का समय पर निपटारा नहीं हो पा रहा। जिस पर उदारता पूर्वक निर्णय लेते हुए गृहमंत्री ने थाना और चौकी के परिसीमन के निर्देश दिए ।उन्होंने कहा कि जरूरत होगी तो नए थाने खोले जाएंगे क्योंकि अंतिम उद्देश्य अपराधों में कमी लाना है। जेल सुधार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वे कभी भी किसी भी जेल में अचानक से पहुंचकर वहां की वास्तविक स्थिति से रूबरू होंगे। बैठक का लब्बो लुआब यही रहा कि पुलिस जनता के बीच तालमेल बिठाकर चले ,जनता का विश्वास जीतें और शोषित पीड़ितों की शिकायत सुनकर निराकरण करें। मंत्री की उम्मीदें आसमान छूती नज़र आ रही है उस पर संभाग की पुलिस किस हद तक खरा उतर पाएगी यह देखने वाली बात होगी ।फिलहाल तो यह दूर की कौड़ी नजर आ रही है।