उदय सिंह
रतनपुर के लखनी देवी पहाड़ के नीचे दुलहरा तालाब के पास शनिवार सुबह ग्रामीणों ने पेड़ पर फांसी के फंदे से लटकती हुई एक लाश देखी।तुरंत इसकी सूचना रतनपुर पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सबसे पहले लाश को पेड़ से नीचे उतारा और फिर उसकी शिनाख्त में जुट गई। फांसी के फंदे पर लटक रहे युवक की जेब की तलाशी में कुछ रुपए और कागजात बरामद हुए, जिससे उसकी पहचान यादव नगर ,तिफरा, बिलासपुर निवासी जय साहू के रूप में हुई।
जय साहू पेशे से ठेकेदार था और उसका काम बिलासपुर के साथ जांजगीर में भी चल रहा था। जय साहू के पिता विष्णु साहू भी काम में उसका हाथ बटाते थे। 12 जून को जय साहू घर से शेविंग कराने के नाम पर निकला था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। उसके परिजन उसके लिए परेशान थे कि इसी बीच 20 जून की रात जय साहू रतनपुर खंडोबा मंदिर के पास बाइक में सोता हुआ लोगों को नजर आया था। उसने लोगों से मांग कर पानी भी पिया था और कहा था कि वह अपने घर लौट जाएगा ।
इधर परिजन अपने बेटे की तलाश में रिश्तेदारों के पास मारे मारे फिर रहे थे कि तभी 22 जून को उसके आत्महत्या कर लेने की खबर उन तक पहुंची तो परिजन भागे भागे मौके पर पहुंचे और विलाप करने लगे। पुलिस जांच में पता चला कि जय साहू इससे पहले भी इसी तरह घर में बिना बताए 1 महीने के लिए कहीं गायब हो गया था। उस समय बिलासपुर में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। फिर बिलासपुर के लोगों ने ही बिलासपुर में उसे देखा था और परिजनों को इसकी सूचना दी थी । मृतक तीन भाइयों में से मझला भाई था। वहीं विवाहित जय साहू के दो बच्चे भी हैं। घटनास्थल पर जय साहू के भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। जय साहू ने आत्महत्या क्यों की, पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।