पचपेड़ी

पचपेड़ी:- चार माह बाद सनसनीखेज खुलासा… गुमशुदा पुनीराम कंवर की हो चुकी है मौत?…. दोस्तों पर गंभीर आरोप, गांव में चार लाख में राजीनामा

उदय सिंह

बिलासपुर – मस्तुरी जनपद क्षेत्र के पचपेड़ी थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत कुकुरदीकेरा (हरदी) से चार माह पूर्व गुमशुदा हुए 45 वर्षीय पुनीराम कंवर की मौत का सनसनीखेज खुलासा अब सामने आया है। इस मामले में गांव के ही चार दोस्तों की भूमिका उजागर हुई है। हैरानी की बात यह है कि पूरे घटनाक्रम के बीच गांव के प्रमुखों की मौजूदगी में चार लाख रुपये में आपसी राजीनामा कर लिया गया, जबकि पुलिस इस दौरान मृतक की तलाश में जुटी रही और थाने को इस राजीनामे की भनक तक नहीं लगी। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कुकुरदीकेरा निवासी पुनीराम कंवर उम्र 45 वर्ष 23 जुलाई 2025 को अपने गांव के ही पांच दोस्तों तुकचद, सरजु, फिरता कंवर, गोपी ध्रुव के साथ हरदी डेम नाला घूमने के लिए गया था।

घूमने के बाद उसके सभी दोस्त अपने-अपने घर लौट आए, लेकिन पुनी राम कंवर वापस नहीं आया। देर शाम तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। पत्नी हेमाबाई कंवर अपने तीन छोटे बच्चों के साथ परेशान होकर गांव के प्रमुख नागरिकों के साथ उसके दोस्तों से पूछताछ करती रही, लेकिन किसी ने भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। लगातार अनिश्चितता और चिंता के बीच परिजनों ने 23 जुलाई 2025 को पचपेड़ी थाना में पुनीराम कंवर की गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर खोजबीन शुरू की, लेकिन कई महीनों तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। चार माह तक यह मामला रहस्य बना रहा और परिवार मानसिक, सामाजिक व आर्थिक संकट से जूझता रहा।

मामले ने 16 नवंबर 2025 को उस समय नया मोड़ लिया, जब गांव में चर्चा के दौरान पुनीराम कंवर के दोस्तों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि मछली पकड़े के दौरान करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई थी, डर के कारण उन्होंने पुनीराम कंवर की लाश को शिवनाथ नदी में फेंक दिया था। यह बात सामने आते ही मृतक की पत्नी हेमाबाई कंवर, उनके तीनों बच्चे और गांव के प्रमुख नागरिक तत्काल पचपेड़ी थाना पहुंचे और थाना प्रभारी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मृतक की तलाश और जांच शुरू कर दी। इसी बीच, उसी रात गांव में सभी प्रमुखों की बैठक बुलाई गई।

बैठक में आपसी सलाह के बाद मृतक के परिजनों और चार दोस्तों के बीच कथित रूप से चार लाख रुपये में राजीनामा करा दिया गया। बताया जा रहा है कि यह समझौता पुलिस को बिना सूचना दिए ही कर लिया गया, जबकि पुलिस मृतक की खोजबीन में लगी रही। इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं फिलहाल, मामला बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज बना हुआ है। अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और इस रहस्यमय मौत से जुड़े पूरे सच के सामने आने पर टिकी हुई है।

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