
रमेश राजपूत
बिलासपुर – जिले में पटवारियों की हड़ताल को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जिले के सभी 259 हड़ताली पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने का अल्टीमेटम जारी किया गया है। बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने संबंधित पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होने और जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
फसल क्षति सर्वे से लेकर धान खरीदी तक काम प्रभावित
जारी नोटिस के अनुसार, पटवारी 13 अक्टूबर से सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति अथवा स्वीकृत अवकाश के बिना अपने कर्तव्य से अनुपस्थित हैं। इससे जिले में कई महत्वपूर्ण और समयबद्ध शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, फिजिकल वेरिफिकेशन, एग्रीस्टैक और आगामी धान खरीदी के लिए किसानों के अभिलेखों का सत्यापन प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के लिए जांच प्रतिवेदन तैयार करने, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण जैसे जरूरी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। पटवारियों की अनुपस्थिति से आम नागरिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
तूफान से फसल नुकसान, किसानों की राहत पर भी असर
चक्रवाती तूफान के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई फसल क्षति का त्वरित सर्वेक्षण और नुकसान का आकलन प्रशासन की प्राथमिकता है। पात्र किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जानी है, लेकिन पटवारियों की हड़ताल से यह महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
व्यक्तिगत स्पष्टीकरण देना अनिवार्य
प्रशासन ने सभी संबंधित पटवारियों को तत्काल अपने कर्तव्य पर उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करने तथा उसी दिन संबंधित तहसीलदार के माध्यम से व्यक्तिगत लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई, अनुपस्थिति अवधि के वेतन एवं अन्य सेवा लाभों पर नियमानुसार निर्णय और उक्त अवधि को सेवा में व्यवधान (ब्रेक इन सर्विस) माने जाने के संबंध में भी जवाब मांगा गया है। प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद अब पटवारियों की हड़ताल और राजस्व कार्यों को लेकर जिले में स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हैं।
