
रमेश राजपूत
बिलासपुर – चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से जिले में हुई फसल क्षति के आकलन के लिए जिला प्रशासन ने मैदानी स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर कृषि विभाग और एचडीएफसी एर्गो बीमा कंपनी की संयुक्त टीमें गांव-गांव पहुंचकर प्रभावित खेतों का सर्वेक्षण कर रही हैं। अधिकारियों द्वारा फसल नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन कर किसानों को नियमानुसार सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। शनिवार को संयुक्त टीमों ने मानकचौरी, रतनपुर, बिटकुला, पोड़ी, गोबरी और हरदीकला सहित विभिन्न गांवों में पहुंचकर खेतों का निरीक्षण किया। इस दौरान फसलों की स्थिति का जायजा लेने के साथ प्रभावित किसानों से चर्चा कर नुकसान की जानकारी जुटाई गई। उप संचालक कृषि एम.आर. तिग्गा एवं सहायक संचालक शशांक शिंदे ने भी किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में जिला प्रशासन और कृषि विभाग उनके साथ खड़ा है। फसल क्षति का वास्तविक आकलन कर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराने में किसानों को मदद

सर्वेक्षण के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई जा रही है। इसके लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14447 व्हाट्सएप नंबर 7066514447 और क्रॉप इंश्योरेंस ऐप की जानकारी दी गई है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर नुकसान की सूचना दर्ज कराने में टीमों द्वारा किसानों को आवश्यक सहयोग भी दिया जा रहा है। जिले के सभी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावित किसानों से संपर्क कर सर्वेक्षण में जुटे हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे फसल क्षति की सूचना समय पर दर्ज कराएं तथा सर्वेक्षण के दौरान आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि नुकसान का सही आकलन कर नियमानुसार सहायता की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।