
सिम्स में मंगलवार को हुई आगजनी की घटना के बाद इससे प्रभावित 4 बच्चों की अब तक मौत हो चुकी है।

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
बिलासपुर-रविवार सुबह जहां महादेव अस्पताल में भर्ती पेंड्रा के गांव मड़ई निवासी धन कुमारी बाई के नवजात की इन्फेक्शन के कारण मौत हो गई तो वही शाम होते होते शिशु भवन में भर्ती जांजगीर के ग्राम गिद्धा निवासी कुसुम के नवजात की भी जान चली गई। जिसकी डिलीवरी जांजगीर में 15 जनवरी को हुई थी। बच्चे का वजन सिर्फ 1 किलो होने की वजह से उसे सिम्स भेज दिया गया था ,ताकि वह स्वस्थ हो सके, लेकिन आगजनी की घटना के बाद इसके प्रभाव में उसकी मौत हो गई ।इस तरह 22 जनवरी से लेकर 27 जनवरी तक अब तक 4 बच्चों ने दम तोड़ दिया है ।इस लिस्ट में शिशु भवन में पहुंचते ही भाटापारा निवासी तारिणी पठारे के नवजात का नाम सबसे पहले नंबर पर आता है ,तो वही उसी तारीख को रात में मस्तूरी के ग्राम पचपेड़ी निवासी शांति बाई के नवजात ने दम तोड़ा था। हालांकि चिकित्सक यह दावा कर रहे हैं की इन बच्चों की हालत पहले से क्रिटिकल थी जिस वजह से इनकी मौत हो रही है। इन मौतों का आगजनी की घटना से सीधा संबंध नहीं है, वहीं दूसरी ओर यह चिंता का विषय है कि अब भी जिला अस्पताल, शिशु भवन और महादेव अस्पताल में 19 बच्चों का इलाज चल रहा है उनमें से 9 की हालत गंभीर बनी हुई है ।स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के बाद प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद नवजातो की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार को जो दो मौतें हुई उनकी वजह इन्फेक्शन और कमजोरी को बताया जा रहा है।