रेलवे

रेलवे ट्रेक मेंटेनरो ने 8 सूत्रीय मांगों के साथ किया प्रदर्शन

आलोक

रेलवे को की व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की करने की कोशिश के तहत रेलवे पीपीपी मॉडल पर काम कर रही है और यही वजह है कि कर्मचारी रेलवे पर निजी करण का आरोप लगाकर रेलवे के खिलाफ आंदोलन को धार दे रहे हैं । रेलवे के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के संगठन साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे ट्रैक मेंटेनर एसोसिएशन
के बैनर तले रेल कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया।

बिलासपुर मंडल के करीब 1000 ट्रैक मैन इस आंदोलन में शामिल हुए , जिन्होंने बिलासपुर रेलवे स्टेशन से लेकर डीआरएम कार्यालय तक रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद की । बैनर पोस्टरों में अपनी मांगे लिख कर नारेबाजी करते हुए पहुंचे ट्रैक मेंटेनर ने अपनी समस्याओं के निराकरण के संबंध में अपनी बात रखी। करीब 8 मांगे रेलवे ट्रैक मेंटेनर ने की है जिनमे भुसावल तथा मध्य रेलवे की तरह रेलवे बोर्ड के नियमों को आधार बनाकर महिला ट्रैक मेंटेनरो को एक बार डिपार्टमेंट चेंज करने का अवसर बिलासपुर मंडल में भी दिया जाए शामिल है। इन कर्मचारियों ने भूतपूर्व सैनिकों की तरह वेतन निर्धारण करने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत 65 कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है, उसी आदेश का पालन करते हुए उनके लिए 2012 से वेतनमान निर्धारण किया जाना चाहिए, जबकि ऐसा नहीं किया गया है। नियुक्ति से लेकर अब तक वेतन निर्धारण का कार्य लंबित है, जिससे सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन हो रहा है । रेल कर्मचारियों ने अपनी मांगों में रेलवे बोर्ड के नियम अनुसार 2013 में पदस्थ कुछ कर्मचारियों को इंक्रीमेंट दिया गया है, इसका लाभ एरियर्स के साथ 2013 में पदस्थ सभी कर्मचारियों को प्रदान किया जाए। ट्रैक ट्रेक मेंटेनर के इंटर जोन स्थानांतरण की लिस्ट निकालकर उन्हें तत्काल रिलीव करने की मांग भी की गई है।

बिलासपुर मंडल में पिछले 10 सालों से टीडीएम से टीडीएस में स्थानांतरण तथा एक मंडल से दूसरे मंडल में ट्रांसफर नहीं हुआ है , इस प्रक्रिया को भी तुरंत आरंभ करने की मांग की गई है । उमरिया तथा बिरसिंहपुर में रेलवे के क्वार्टर काफी जर्जर हालत में है जिन्हें सुधारने की मांग की गई है। ट्रैक मेंटेनर के स्वास्थ्य खराब होने पर बी एन 100 उपलब्ध नहीं कराने की भी शिकायत की गई है। शिकायतों में यह भी कहा गया कि जब से दो गैंग को मिलाकर एक टीडीएम बनाया गया है उस दिन से टीडीएम में ट्रैक मेंटेनरो की संख्या दोगुनी हो गई है, फिर भी अवकाश के नाम पर 2 से ज्यादा ट्रैक मेंटेनरो को अवकाश प्रदान नहीं किया जा रहा। संगठन के महामंत्री संजय कुमार गुप्ता और अध्यक्ष राजेंद्र कुमार कौशिक के नेतृत्व में रेल कर्मचारियों ने भविष्य में उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है। जाहिर है रेल कर्मचारी निजी करण से डरे हुए हैं और इसीलिए रेलवे पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

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