

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
बिलासपुर-पिछले मंगलवार को सिम्स में बिजली के पैनल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी आग के मामले में भले ही अब तक 4 बच्चों की मौत हो चुकी हो लेकिन सप्ताह भर की जांच के बाद नतीजा सिफर आया हैं ।इस मामले में सिम्स प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी गई है ।जैसा कि आपको याद होगा मंगलवार सुबह यहां बिजली के पैनल बोर्ड में आग लग गई थी जिस वजह से बच्चों के एनआईसीयू में धुआं फैल गया और आनन-फानन में नवजात बच्चों को बिलासपुर के ही जिला अस्पताल सहित शिशु भवन और महादेव अस्पताल में शिफ्ट किया गया। इस घटना के बाद जमकर राजनीति भी हुई और अस्पताल की व्यवस्था का जायजा लेने स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव भी मौके पर पहुंचे। जो यहां के हालात से वाकिफ होने के बाद इतने दुखी हुए कि उन्होंने यह तक कह दिया कि सिम्स की मौजूदा बिल्डिंग में अस्पताल संचालन किया जा सकता है या फिर अस्पताल को कहीं और शिफ्ट करना पड़ेगा इस पर विचार करने की जरूरत है ।यह पहला मामला नहीं है जहां सिम्स प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई है ।3 साल पहले भी रायपुर से पहुंचे विशेष जांच दल के अधिकारियों ने सिम्स का निरीक्षण किया था और उन्होंने आग से निपटने के मामले में सिम्स को काफी कमजोर पाते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे लेकिन सिम्स ने उन सुझावों में से एक को भी नहीं माना क्योंकि सिम्स ने यह कह दिया कि जो सिस्टम बताया जा रहा है वह यहां स्थापित नहीं किया जा सकता। लिहाजा नतीजा सबके सामने हैं ।जांच में पता चला कि यहां जगह-जगह कटे-फटे वायर बिखरे पड़े हैं ।मेंटेनेंस के लिए इलेक्ट्रिशियन तक नहीं है ।यह काम 2 वार्ड बॉय कर रहे हैं ।आग से निपटने की पुख्ता व्यवस्था भी नहीं है। जिन कर्मचारियों ने आग बुझाई थी उनपर ही जांच की गाज भी गिरी है लिहाजा भविष्य में इस तरह के हालात में वे अपनी जान जोखिम में डालेंगे ऐसा लगता नहीं ।मौके की नजाकत को देखते हुए भले ही जांच की बात कह दी गई थी लेकिन हमेशा की तरह सप्ताह भर के जांच के बाद जिस तरह सिम्स को एक बार फिर क्लीन चिट दे दी गई उससे लगता नहीं कि यहां के हालात भविष्य में भी बेहतर होंगे।