बिलासपुर

जिले में बढ़ते कोरोना मरीजों के लिए अन्य हॉस्पिटल को भी बनाया जा रहा विशेष, रेलवे हॉस्पिटल से शुरुआत…मिली स्वीकृति

भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – जिले में कोरोना के बढ़ते मरीजो ने स्वास्थ्य विभाग को चिंता में डाल दिया है। एक ओर संभाग के कोविड 19 हॉस्पिटल में एडमिट मरीजो की संख्या बढ़ती जा रही है, तो दूसरी ओर अब तक जिले में दूसरे कोविड हॉस्पिटल जैसे सुविधाएं उपलब्ध नही है। ऐसे में रेल्वे हॉस्पिटल को दूसरे कोविड हॉस्पिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जिसको लेकर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रमोद महाजन ने स्वास्थ्य संचालनालय को पत्र लिख केंद्रीय चिकित्सालय द.पू.म.रेलवे के अस्पताल को 75 बिस्तरों के कोविड हॉस्पिटल में तैयार करने का प्रस्ताव रखा है। इस मामले में सीएमएचओं महाजन ने बताया कि जिले में दिनों दिन कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। जिसके चलते संभागीय कोविड अस्पताल के 100 बिस्तर की क्षमता भी कम पड़ रही है। वर्तमान में यहां 81 मरीज भर्ती है। ऐसे में यहां मात्र 19 बिस्तर ही शेष है। जिसके मद्देनज़र 150 बेड वाले रेलवे हॉस्पिटल में से 75 बिस्तर को कोविड हॉस्टिल के रुप में विस्तार करने के लिए तैयारी किया जा रहा है। रेलवे हॉस्पिटल के शेष 75 बिस्तरों में रेलवे के 43000 कर्मचारीयों का इलाज हो सकेगा, साथ ही करीब 8725 सेवानिवृत कर्मचारीयों का उपचार किया जाएगा। रेलवे ने अपने 75 बिस्तर की क्षमता को कोविड मरीज के उपचार के लिए स्वीकृती दे दी है। अब यहां कोविड मरीजों के अनुसार बनाने का कार्य चल रहा है। जिसके बाद कोविड हॉस्पिटल के साथ रेलवे के हॉस्पिटल में भी कोरोना संक्रमीत मरीज को रख कर इलाज किया जाएगा। लेकिन यहाँ यह सुविधा कब  तक शुरू हो सकेगी, फिलहाल स्पष्ट नही हुई है। 

डायलिसिस के लिए अलग कक्ष आरक्षित..

कोरोना काल के लिए रेल्वे हॉस्पिटल को विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिसमे किडनी की बीमारी से ग्रसित मरीजो के डायलिसिस करने की व्यवस्था भी की जा रही है। जिसको लेकर हॉस्पिटल में दो अलग रुम को आरक्षित किया गया है। जहां गंभीर मरीजों के डायलेसिस की सुविधा अलग से रहेगी ताकि मरीजों को डायलेसिस के लिए परेशान न होना पड़े। 

निजी हॉस्पिटलों को भी किया जा सकता है अधिग्रहित…

जिले में कोरोना मरीजो की हो रही बेतहाशा वृद्धि से कयास तो यही लगाया जा रहा है। कि जल्द ही कोविड और निर्माणधिन रेल्वे हॉस्पिटल के बिस्तर भी फूल हो जायँगे। ऐसे में विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के निजी हॉस्पिटलों को भी अधिग्रहित करने की तैयारी कि जा रही है। इसके लिए सीएमएचओं ने शासन से मार्गदर्शन मांगा है की किन शर्तों के तहत ऐसे निजी अस्पतालों को अधिग्रहित किया जाएगा, जहां कोरोना के संदेही मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा सकें। सीएमएचओ ने शासन से निर्देश मिलने के बाद निजी हॉस्पिटल को अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरु करने की बात कही है।

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