
उदय सिंह
बिलासपुर – कलेक्टर संजय अग्रवाल के साप्ताहिक जनदर्शन में मंगलवार को ग्रामीणों की समस्याओं का अंबार लगा रहा। इस दौरान गोड़ाडीह में जिंदल पावर एंड स्टील कंपनी द्वारा स्थानीय युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं दिए जाने और जयरामनगर खैरा बस्ती में फ्लाई ऐश के बहकर खेतों में पहुंचने से खेती बर्बाद होने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। ग्रामीणों ने दोनों मामलों में जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई और प्रभावित लोगों को राहत दिलाने की मांग की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम गोड़ाडीह के संतनु कुमार कुर्रे सहित ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि जिंदल पावर एंड स्टील कंपनी में स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग को लेकर पहले भी धरना-प्रदर्शन किया जा चुका है। उस समय कंपनी प्रबंधन की ओर से स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की बात कही गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद स्थानीय बेरोजगार युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिल सका है। इससे युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने कंपनी में स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिलाने तथा मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर ने आवेदन संबंधित अधिकारी को सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इधर, मस्तूरी तहसील के जयरामनगर खैरा बस्ती में किसानों के खेतों में राखड़ घुसने का मामला भी जनदर्शन में गूंजा। सतीश पाल सहित अन्य किसानों ने बताया कि चूना पत्थर की खदान में राखड़ (फ्लाई ऐश) की पटाई की गई थी। राखड़ का उचित रखरखाव नहीं होने और उसे खुले में छोड़ दिए जाने के कारण जुलाई और अगस्त में हुई भारी बारिश के दौरान यह बहकर आसपास के किसानों के खेतों में पहुंच गई। किसानों के मुताबिक धान की बुआई वाले खेतों में बड़ी मात्रा में राखड़ भर जाने से करीब 7 से 8 एकड़ कृषि भूमि और फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। स्थिति यह है कि खेतों में राखड़ की मोटी परत जमा होने से आने वाले समय में भी खेती प्रभावित होने का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने कहा कि उनकी आजीविका खेती पर निर्भर है और राखड़ के कारण फसल चौपट होने से परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।ग्रामीणों ने कलेक्टर से प्रभावित किसानों को उचित क्षतिपूर्ति दिलाने, राखड़ के फैलाव के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बनने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की।
जनदर्शन में इसके अलावा मस्तूरी के इटवा निवासी रामेश्वर यादव ने पैतृक कृषि भूमि में अपने नाम से एग्रीटेक नहीं होने के कारण धान बेचने में आ रही परेशानी बताई। रतनपुर के सीस निवासी रामभाऊ डिक्सेना ने बारिश में मकान गिरने से आर्थिक सहायता मांगी। तखतपुर के देवरीकला के ग्रामीणों ने नाली निर्माण की मजदूरी भुगतान में अनियमितता की शिकायत की। कोटा के भारत सिंह ने सर्वेयर कार्य की करीब 18,730 रुपये की लंबित राशि दिलाने की मांग रखी। वहीं समडील निवासी कुंजबिहारी अनंत ने विवाह और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाने की शिकायत की। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए समयबद्ध और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।