प्रशासनिक

धान खरीदी के लिए 16 से 31 अक्टूबर तक किसानों को कराना होगा पंजीयन

डेस्क

खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में धान खरीदी हेतु किसानों का पंजीयन 16 से 31 अक्टूबर 2019 तक किया जायेगा। कलेक्टर डाॅ.संजय अलंग की अध्यक्षता में इस संबंध में आज बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने किसान पंजीयन हेतु समिति प्रबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए यह सुनिश्चित कहा कि कोई भी किसान पंजीयन से वंचित न रहे।

मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने बताया कि गत खरीफ वर्ष के पंजीकृत किसानों को पंजीयन हेतु समिति में आने की आवश्यकता नहीं है। इनका पंजीयन इस वर्ष भी यथावत माना जायेगा। किन्तु जिन किसानों ने पंजीयन नहीं करवाया था और इस वर्ष जो धान विक्रय करने के इच्छुक है, ऐसे किसान नये पंजीयन के लिये तहसीलदार को सीधे या सहकारी समिति के माध्यम से आवेदन दे सकते हैं। तहसीलदार द्वारा जांच कराकर नया पंजीयन किया जायेगा। पंजीयन के लिये आधार कार्ड एवं राजस्व दस्तावेज लेकर आना होगा। किन्तु आधार नंबर न होने पर भी किसानों को पंजीयन से वंचित न करें। जो किसान धान बीज उत्पादन के लिये बीज निगम के साथ पंजीकृत है उन किसानों का भी पंजीयन धान विक्रय के लिये किया जायेगा।

कलेक्टर ने कहा कि समिति प्रबंधक ध्यान दें कि किसी भी किसान के पंजीयन में कोई त्रुटि हो तो उसे सुधारना है। किसानों का बैंक खाता क्रमांक, आईएफसी कोड अच्छी तरह जांच कर ली जाये, ताकि उन्हें भुगतान में परेशानी न हो। किसान के रकबे का परिवर्तन हो तो पटवारी से सत्यापित करा लें। रकबा सत्यापन कार्य राजस्व विभाग के अधिकारियों के निगरानी में किया जायेगा। प्रत्येक समिति हेतु एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति उनके द्वारा की जायेगी। यदि राजस्व रिकार्ड में दर्ज रकबे और पटवारी द्वारा सत्यापित रकबे में भिन्नता होती है, तो संबंधित पटवारी तथा उसके कार्यों का पर्यवेक्षण करने वाले राजस्व अमलों की जवाबदेही निर्धारित की जायेगी।
कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष कृषक पंजीयन व्यवस्था में शामिल तहसील तथा सहकारी अमलों की माॅनिटरिंग के लिये पृथक एवं विशिष्ट व्यवस्था की जा रही है। पटवारी द्वारा सत्यापित रकबे और डाटा एण्ट्री आॅपरेटर के द्वारा आॅनलाईन एण्ट्री किये गये रकबे में भिन्नता होती है तो डाटा एण्ट्री आॅपरेटर तथा उसके सीधे पर्यवेक्षण हेतु जिम्मेदार सहकारी समिति के प्रबंधक व अध्यक्ष की जवाबदेही निर्धारित की जायेगी।
सीमांत तथा लघु किसान होने के आधार पर जिन लोगों ने प्राथमिकता राशनकार्ड प्राप्त किया है। ऐसे सीमांत किसान 37.5 क्विंटल से अधिक और लघु किसान 75 क्विंटल से अधिक धान का विक्रय समर्थन मूल्य में करेंगे तो उनका राशनकार्ड निरस्त कर दिया जायेगा। यह प्रावधान किसान के स्वयं के धारित भूमि पर लागू होगा। अधिया, रेगहा एवं लीज पर लिये भूमि पर लागू नहीं होगा। कलेक्टर ने कहा कि इस प्रावधान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये, ताकि किसानों को धोखे में रखकर बिचैलियों द्वारा उनके नाम पर अवैध भूमि पंजीयन कराकर धान विक्रय का प्रयास ना किया जा सके। इसी तरह मक्का विक्रय हेतु भी किसानों का डाटा अद्यतन एवं नये पंजीयन किये जा सकेंगे।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि किसान पंजीयन का प्रचार-प्रसार गांवों में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराकर एवं समितियों में बैनर लगाकर किया जाये ताकि कोई भी किसान पंजीयन से वंचित न रहे।
बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर श्री बी.एस.उईके, जिला खाद्य नियंत्रक श्री दिलेश्वर प्रसाद सहित जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के सीईओ, डीएमओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी, जिले के सभी समितियों के प्रबंधक, डाटा एण्ट्री आॅपरेटर आदि उपस्थित थे।

error: Content is protected !!
Letest
दुकान के बाहर खूनी खेल! मामूली विवाद में युवक की पीट-पीटकर हत्या, 24 घंटे में दो हत्यारे गिरफ्तार, ख... गांवों की सड़क, स्वास्थ्य और किसानों पर फोकस: जिला पंचायत की सामान्य सभा में अधिकारियों को मिले सख्त... तकनीकी दिक्कतों से नहीं कटेगा शिक्षकों का वेतन, 15 अगस्त तक पूरी तरह सुधरेगा VSK ऐप : शिक्षा मंत्री ... IIIT हैदराबाद में एडमिशन का झांसा देकर छात्रा से 12 लाख की ठगी...फर्जी कंसल्टेंसी पर एफआईआर दर्ज करोड़ों की नाली बनी आफत: सड़क से ऊंचे निर्माण ने डुबोए वार्ड, जिम्मेदारों पर उठे सवाल "बिल के बोझ तले थमा अंतिम सफर! आदिवासी महिला के शव को अस्पताल में रोके रखने के आरोप से मचा बवाल" रतनपुर: हाइटेंशन तार की चपेट में आया चरवाहा, बकरियों के लिए पत्ती तोड़ते समय दर्दनाक मौत "खाद माफिया के आगे बेबस किसान! बिलासपुर जिले में तिगुने दाम पर बिक रही खाद, मस्तूरी से रतनपुर तक काल... कोटा:- डंडों से पीट-पीटकर किसान की हत्या... एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार, पुलिस जुटी जांच में, सीपत:- क्या प्रेम प्रसंग बनी मौत की वजह? घर के पीछे बाड़ी में मिली युवक की लाश, गले पर निशान देख हत्...