
जुगनू तंबोली
बिलासपुर – रतनपुर तहसील क्षेत्र में भूमि नामांतरण और राजस्व अभिलेखों में कथित धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्राम पाली जिला कोरबा निवासी शिकायतकर्ता राममुरारी जायसवाल ने कलेक्टर बिलासपुर को लिखित शिकायत सौंपकर तहसील रतनपुर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर मिलीभगत कर अनियमित कार्यवाही करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार ग्राम रतनपुर, पटवारी हल्का क्रमांक-12 अंतर्गत खसरा नंबर 3604/3, 3604/25, 3604/23 एवं 3604/24 की भूमि पूर्व में संयुक्त रूप से राजस्व अभिलेखों में दर्ज थी। इसमें स्वर्गीय मोतीचंद जायसवाल एवं अन्य सह-खातेदारों का विधिवत नाम दर्ज था। आरोप है कि स्व. मोतीचंद जायसवाल के निधन के बाद, जबकि उनके वैध वारिसों से संबंधित न्यायिक प्रक्रियाएं लंबित थीं, इसके बावजूद तहसील कार्यालय रतनपुर में पदस्थ अधिकारियों और हल्का पटवारी द्वारा नियमों को दरकिनार कर नामांतरण कर दिया गया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस भूमि से संबंधित मामला पूर्व में न्यायालय में विचाराधीन रहा है तथा जिला न्यायालय बिलासपुर द्वारा 31 जनवरी 2018 को निर्णय पारित किया जा चुका है, जिसके विरुद्ध उच्च न्यायालय बिलासपुर में अपील भी लंबित है। इसके बावजूद तहसील स्तर पर कथित रूप से फर्जी पंचनामा एवं प्रतिवेदन तैयार कर राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव किया गया। दस्तावेजों के अनुसार नामांतरण प्रकरणों में अलग-अलग तिथियों पर आदेश पारित किए गए, जबकि कुछ मामलों में एक ही भूमि के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्रकार से प्रकरण दर्ज किए गए, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित अधिकारियों को न्यायालयीन आदेशों और लंबित अपील की जानकारी होने के बावजूद नामांतरण कर स्व. मोतीचंद जायसवाल का नाम राजस्व अभिलेखों से विलोपित कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा तहसीलदार रतनपुर, हल्का पटवारी एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों को रतनपुर से हटाकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। मामले को लेकर अब जिला प्रशासन की भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हैं, वहीं जांच के बाद ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।