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जोगी के जाति विवाद में उलझे कांग्रेसी और भाजपाई नेता, आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू

डेस्क

अजीत जोगी के आदिवासी होने या ना होने पर बड़ा फैसला आने के बाद कांग्रेस और भाजपा में घमासान तेज हो गया है । बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना की तर्ज पर कांग्रेस और भाजपा के नेता एक दूसरे पर जुबानी खर्च कर रहे हैं । विधान सभा मे नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक के उस बयान पर कांग्रेस ने बड़ी आपत्ति की है कि जिसमे कौशिक ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति को लेकर कांग्रेस से माफी मांगने की बात कही है । प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने कहा कौशिक का बयान बचकाना है ,सोनिया गांधी ने जब जोगी को छत्तीसगढ़ का कमान सौंपा तब मंशा यही थी कि छत्तीसगढ़ के आदिवासियों का विकास हो ,और उस समय अजित जोगी के आदिवासी न होने का कोई कानूनी निर्णय नही था ,जो भी आरोप –प्रत्यारोप हो रहे थे राजनीतिक बयान पर आधारित थे ,जिसे बिना कानूनी निर्णय के स्वीकार करना सम्भव नही होता ,चूंकि अजित जोगी ने लंबे समय तक उन्ही प्रमाण पत्रों के आधार पर भारतीय सेवा में नौकरी की । जब कांग्रेस को असलियत की जानकारी होने लगी कांग्रेस ने जोगी से किनारा कर ली और पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया।

अटल श्रीवास्तव ने कहा कौशिक जी और भाजपा को इस बात के लिए छत्तीसगढ़ की जनता और आदिवासी समाज से माफी मांगनी चाहिए कि भाजपा के संकटमोचक के रूप में जोगी ने भाजपा को छत्तीसगढ़ की सत्ता में बिठाया और जैसे ही भाजपा का साथ जोगी ने छोड़ा भाजपा पिछले चुनाव में ताश के पत्ते की तरह भरभरा कर गिर गई । भाजपा और जोगी ने मिलकर आदिवासीयो का हक छिना ,अंतागढ़ उप चुनाव में भाजपा और जोगी ने मिलकर कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी को पैसे के बल पर बिठाया ,मन्तु राम से जो वादा किये उसे भी पूरा नही किया ,जिसका ऑडियो वायरल जनता के बीच मे है , उस समय भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष धरम लाल कौशिक थे ,
उन्होंने आगे कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर निर्धारित समय मे जोगी की जाति के निर्णय होना था तब भाजपा की सरकार ने जान बूझ कर लेटलतीफ की ,जोगी की जाति के लिए जो छानबीन समिति राज्य सरकार द्वारा बनाई गई उसमे भी तकनीकी आधार पर खामियां थी ,उस समिति में एक सदस्य को ही पूरे प्रभार में रखा गया ,ताकि समिति अपनी रिपोर्ट माननीय उच्च न्यायालय में प्रस्तुत करे तो उसे तकनीकी आधार पर खारिज किया जा सके ,और हुआ भी वही ।इन सारी घटनाओ के समय धरम लाल कौशिक ,प्रदेश अध्यक्ष,विधान सभा अध्यक्ष जैसे महत्व पूर्ण पद पर बने रहे ,श्री कौशिक स्वयं एक वकील है और कानूनी दांवपेंच को अच्छे से समझते है फिर भी भाजपा सरकार द्वारा जोगी को लाभ दिया जा रहा था तब कौशिक ने आदिवासीओ के हक के लिए पार्टी फोरम में विरोध क्यो नही किया? अब एक बार फिर समिति ने जाति मामले में निर्णय दे दी है तो कौशिक जोगी के उपकार को दबाने और लाभ देने की मंशा से कांग्रेस पर आरोप लगा रहे है ताकि कौशिक के बयान से जोगी को लाभ मिल सके और उनके रहमोकरम से छत्तीसगढ़ में भविष्य में भाजपा को सत्ता सुख मिल सके । अटल श्रीवास्तव ने आगे कहा कि कौशिक को पूर्व पार्टी अध्यक्ष होने के नाते ,पूरी घटना में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होकर जोगी को सहायता देने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के अधिकार को छिनने के लिए आदिवासी समाज से माफी मांगे ।

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