
प्रदेश में 50 से अधिक शराब दुकानों को बंद करने का निर्णय लिया गया है जिसमें बिलासपुर की 3 दुकानें भी शामिल है। इनमें व्यापार विहार स्थित शराब दुकान एक है। दूसरा शराब दुकान स्वदेशी प्लाजा में मौजूद है, वहीं मंगला क्षेत्र में मौजूद शराब दुकान भी इस सूची में शामिल है

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
आम धारणा है कि शराब का कारोबार बेहद मुनाफे का कारोबार है । इसके लिए ग्राहकों को खोजने की जरूरत नहीं होती ग्राहक खुद शराब दुकान खोज कर चले आते हैं और इस कारोबार में घाटे की कोई आशंका नहीं होती लेकिन जब से सरकार ने खुद शराब बेचना शुरू किया है तब से शराब दुकानों में भ्रष्ट कर्मचारियों की वजह से घाटे होने लगे है।आबकारी विभाग के कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों की वजह से शराब दुकानों में मुनाफा तो बंद ही हो चुका है लंबे वक्त से दुकान घाटे में चल रहे हैं। इस हालत को देखते हुए प्रदेश में 50 से अधिक शराब दुकानों को बंद करने का निर्णय लिया गया है जिसमें बिलासपुर की 3 दुकानें भी शामिल है। इनमें व्यापार विहार स्थित शराब दुकान एक है। दूसरा शराब दुकान स्वदेशी प्लाजा में मौजूद है, वहीं मंगला क्षेत्र में मौजूद शराब दुकान भी इस सूची में शामिल है। कर्मचारियों की मिलीभगत और भ्रष्टाचार की वजह से दुकान घाटे में चल रहे हैं।

हाल ही में स्वदेशी प्लाजा स्थित शराब दुकान के मैनेजर ने सुपरवाइजर पर लाखों रुपया गबन करने का आरोप भी लगाया था ।शराब दुकान के घाटे में चलने के पीछे कर्मचारियों के कदाचरन को माना जा रहा है। इसे लेकर रविवार को आबकारी विभाग की महत्वपूर्ण बैठक ली गई। इस बैठक में शराब दुकान में तैनात कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को सख्त हिदायत दी गई क्योंकि यही दोनों मिलकर शराब दुकान को चूना लगा रहे हैं। कोंचिओ के साथ मिलकर अफरा तफरी करने के साथ शराब में पानी मिलाकर तो कभी अधिक मूल्य वसूल कर आबकारी विभाग को चूना लगाया जा रहा है लिहाजा विभाग ने अपने कर्मचारियों को लास्ट वार्निंग देते हुए हिदायत दी है कि भविष्य में इस तरह की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। कर्मचारियों पर अंकुश लगाने के मकसद से कई नए फैसले भी लिए गए हैं जिन्हें जल्द ही क्रियान्वित भी किया जाएगा।