छत्तीसगढ़

आखिर कौन सी है वह सोच, जिसने रक्षक को मान लिया भक्षक और अपराधियों का करने लगी महिमामंडन

आकाश दत्त मिश्रा

हर हाथ मोबाइल होने से इसे भले ही सूचना क्रांति का दौर मान लिया गया हो लेकिन यह विचार करना भी जरूरी है कि आखिर कैसी सूचनाएं लोगों तक पहुंच रही है। गैर जिम्मेदार हाथों में यही मोबाइल तिल का ताड़ और बात का बतंगड़ बना देती है। जरूरी नहीं कि आंखों देखी हर बात सच भी हो। इस दौर में हर कोई पत्रकार बना बैठा है, जिसने भी जो देखा , जो समझा, उसी को अपनी सोच के मुताबिक ढालकर खबर बना दी। सच और झूठ की परख इसलिए भी मुमकिन नहीं, क्योंकि ऐसे लोगों के पास बुद्धि की वो कसौटी है ही नहीं, जिसमें दूध का दूध और पानी का पानी किया जा सके । और इन्हीं वजहों से यह मोबाइल बंदर के हाथ उस्तूरा साबित हो रही है। ऐसा ही कुछ हुआ मुंगेली में भी । जिस अपराधी को धिक्कारा जाना चाहिए था ,उसके प्रति लोग सहानुभूति जताने लगे और जिन सजग पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई उन्हें रातों-रात खलनायक बना कर पेश किया गया।

1 दिन पहले मुंगेली के पड़ाव चौक में दो युवक शराब के नशे में पूरी तरह धुत्त होकर हंगामा मचा रहे थे । हेम चंद्र जोशी और जगदीश आमरे नाम के इन दोनों शराबियो की हरकत देखकर व्यापारियों का पारा चढ़ने लगा था। एक तो वे उनकी दुकान के सामने हुड़दंग कर रहे थे, वही सड़क से गुजरने वाली महिलाओं पर भी गंदी-गंदी फब्तियां कस रहे थे। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और दुकान के सामने हंगामा करने की हरकत नागवार गुजरने के बाद खुद व्यापारी दोनों का नशा उतारने की तैयारी कर ही चुके थे, इसी दौरान सूचना पाकर सिटी कोतवाली थाने से सिपाही और थाना प्रभारी आशीष अरोड़ा मौके पर पहुंच गए। हंगामा मचा रहे दोनों शराबियों को वहां से ले जाने की गरज से एक ऑटो बुलाई गई और उनमें से एक को बड़ी मुश्किल से ऑटो में बिठा भी लिया गया, लेकिन दूसरा काबू में आ ही नहीं रहा था। उत्पात मचा रहे दूसरे युवक ने पुलिस के साथ भी गाली-गलौज शुरू कर दी और उन पर हमला भी करने लगा।

बेकाबू हो रहे इस शराबी को काबू करने के लिए लंबे चौड़े डील डौल के वॉलीबॉल खिलाड़ी आशीष अरोड़ा ने हल्के बल का प्रयोग किया। जैसे को तैसा सिद्धांत अपनाना यहां जरूरी था। कोई आप पर हमला करें तो उसके आगे गांधी वाद नहीं चलता । यह बात लोगों को समझना होगा। वे खुद अपेक्षा करते हैं कि पुलिस अपराधियों की धरपकड़ करें और अपराधियों पर पुलिस का खौफ भी हो , लेकिन जब पुलिस यही कोशिश करती है तो यही लोग पुलिस के खिलाफ खड़े होकर आलोचना करने लग जाते हैं ।एक ट्रैफिक सिपाही और एक पुलिसकर्मी के साथ टीआई आशीष अरोड़ा ने बड़ी मुश्किल से दोनों को काबू किया और ऑटो में बिठाकर अस्पताल ले गए। लेकिन इसी दौरान कुछ लोगों ने पूरी घटना का वीडियो मोबाइल पर कैद कर लिया और जल्द ही इसे अलग-अलग कहानियों के साथ सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। इन दिनों देशभर में नए मोटर व्हीकल एक्ट और उसकी भारी-भरकम जुर्माना की खूब चर्चा है। शराबी की गिरफ्तारी के इस घटना को भी उसी से जोड़ते हुए लोगों ने बिलकुल अलग कहानी गढ़ ली। बताया गया कि सीधे-साधे मासूम बाइक सवारों से पुलिस ने भारी भरकम जुर्माना वसूलना चाहा और जुर्माना न देने की सूरत में उनके साथ खूब मारपीट की गई, जबकि यह कहानी सच्चाई से कोसों दूर थी । जनता की मदद करने आई पुलिस को जनता ने हीं गुनाहगार बना दिया और जो गुनाहगार थे उनसे सहानुभूति में स्तुति गान आरंभ कर दिया गया। नशे में उत्पात मचाने वाले दो युवकों का चरित्र इसी से भी समझ सकते हैं कि जब इन्हें मुलाहिजा के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया तो इन बदमाशों ने डॉक्टर से भी बदतमीजी की और अस्पताल में भी खूब हंगामा मचाया ।किसी तरह जब नाशेडियो के परिजन पहुंचे तो फिर दोनों काबू में आए।

पुलिस ने दोनों को चेतावनी देकर छोड़ दिया लेकिन सोशल मीडिया पर पुलिस के खिलाफ एक षड्यंत्र इसी दौरान आरंभ हो गया। अपराधियों को हीरो बनाने और पुलिस को विलेन बनाने की इस प्रवृत्ति से जाहिर तौर पर पुलिस का मनोबल टूटा है । अखबारों में भी नशे में उत्पात मचाने वाले युवकों पर बरपा पुलिसिया कहर जैसे शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई। सोशल मीडिया पर भी टैगलाइन इसी से मिलते-जुलते थे। जिन पत्रकारों को सच्चाई पता थी उन्होंने भी इस खबर को मिर्च मसाला लगाकर पेश किया। वैसे ही अपनी कारगुजारी के लिए बदनाम पुलिस के साथ बद अच्छा, बदनाम बुरा वाली कहावत चरितार्थ हुई और नेकी करने गई पुलिस होम करते हाथ जला बैठी। अपने कर्तव्य का पालन करने पुलिस को पहले तो शराबी बदमाशो से अपमानित होना पड़ा और जब उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो दोनों
पुलिस अधिकारी को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह तक पहुंच होने का धौंस दिखाने लगे । यहां तक कि महिला आरक्षक के साथ भी दोनों ने जमकर बदतमीजी की और ऐसे में अगर आम लोग उनकी तरफदारी करेंगे तो जाहिर है किसी दिन यही बदमाश उनके घर की बहू बेटियों के साथ भी सब कुछ ऐसा ही करेंगे, फिर देखना दिलचस्प होगा कि कैसे यही लोग इन्हें मासूम और बे गुनाहगार मानते हैं। खैर इस घटना के बाद पुलिस ने तो अपनी जिम्मेदारी निभाई और समझाइश देकर दोनों को छोड़ भी दिया लेकिन उन लोगों का क्या करें , जिनमें इतनी भी समझ नहीं है कि सच और झूठ का फैसला वे अपने विवेक के आधार पर कर सके। उन्हें पता नहीं कि सोशल मीडिया पर उनके द्वारा फैलाई गई अफवाह कितना भयानक परिणाम दे सकती है। अपराधियों के हौसले बुलंद करने वाले ऐसे सभी हरकतों की निंदा होनी चाहिए। पुलिस अगर लोगों पर जुल्म करें तो उसका प्रतिकार जरूरी है, लेकिन हर खबर को एक ही चश्मे से देखने की आदत भी छोड़नी होगी। इस मामले में दोनों सिपाहियों और थाना प्रभारी आशीष अरोरा की पीठ थपथपाई जानी चाहिए थी लेकिन उसी मामले में उन्हें कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। अगर लोगों का ऐसा ही रवैया रहा तो एक दिन जब लोग खुद मुसीबत में होंगे और पुलिस की सहायता की उन्हें जरूरत होगी, तब शायद पुलिस उनकी मदद के लिए नहीं आएगी, क्योंकि जनता खुद गैर जिम्मेदार है । अव्वल तो जिन लोगों ने इस भ्रामक वीडियो को वायरल किया, उन पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए और जिन्होंने बिना सोचे समझे पुलिस के प्रति गलत धारणा बना ली और अपराधियों को महिमामंडित किया उनकी सोच को भी धिक्कार ने की जरूरत है।

error: Content is protected !!
Letest
बिलासपुर : न्यायधानी में फिर खूनी खेल.... छोटे भाई को बचाने पहुंचे युवक की चापड़ से गला रेतकर हत्या,... क्रिकेट टीम की रंजिश में खूनी हमला...युवक पर कैची से जानलेवा वार, सरकंडा में सनसनी बिलासपुर:- जनगणना करने पहुँचे शिक्षक से मारपीट... जिले में पहला मामला, काम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था... खाद बेचने के नाम पर ठगी का नया जाल… मस्तूरी क्षेत्र में किसानों से 1500 रुपए की एजेंट कर रहे अवैध वस... 5 हजार की उधारी बनी हत्या की वजह...गला घोंटकर कर उतारा मौत के घाट, पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्... शराब के लिए पैसों की मांग...मना करने पर धारदार हथियार से हमला, युवक घायल...सरकंडा थाना क्षेत्र में ह... फर्नीचर दुकान में घुसकर युवक पर चाकू से वार...चकरभाठा थाना क्षेत्र की घटना, पथरी का ऑपरेशन कराने गए आरक्षक की ईलाज के दौरान मौत... निजी अस्पताल में परिजनों का हंगामा, लापरवाही ... तखतपुर : नहर किनारे मिली युवक की संदिग्ध लाश… कुचली हुई हालत ने बढ़ाई रहस्य की परतें, फॉरेंसिक टीम ज... मस्तूरी ब्लॉक के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में होगी सहायिका भर्ती....आवेदन 18 मई तक,