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पीईटी और पीपीएचटी परीक्षा के प्रति दिखी बेरुखी, दोनों पालियो में बड़ी संख्या में रही अनुपस्थिति

निश्चित तौर पर व्यापम को अपनी व्यवस्थाओ को पुख्ता रखने के साथ साथ समय समय पर उसकी मोनिटरिंग भी करानी चाहिए। जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े

सत्याग्रह डेस्क

इंजीनियरिंग सहित मेडिकल के क्षेत्र में जाने वाले विद्यार्थियों को व्यापम के द्वारा आयोजित पहले प्रवेश परीक्षा में शामिल होना पड़ता है। गुरुवार को व्यापम ने पीईटी और पीपीएचटी के लिए नौ परीक्षा केंद्रों में प्रवेश परीक्षा आयोजित की। जिसके दोनो परीक्षाओं को मिलाकर लगभग साढ़े चार हज़ार परीक्षार्थी पंजीकृत थे। वही प्रश्न पत्र थोड़ा कठिन जरूर था। लेकिन विद्यार्थियों को उसके बाद भी उम्मीद है कि उन्हें काउंसलिंग में बेहतर कॉलेज प्राप्त होगा।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के द्वारा गुरुवार को प्रदेश में पीईटी और पीपीएचटी के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया।

बिलासपुर जिले में भी परीक्षा के लिए सुबह की पाली में नौ और दोपहर की पाली के लिए छह परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिसमे दोनो ही परीक्षाओ में लगभग साढ़े चार हज़ार परीक्षार्थी पंजीकृत थे। सुबह की पाली में पीईटी के लिए परीक्षा हुई। जिसमे कुल पंजीकृत दो हज़ार चार सौ पेंसठ विद्यर्थीयो में से एक हज़ार आठ सौ अस्सी उपस्थित और पांच सौ पैतीस परीक्षार्थी अनुउपस्थित रहे। वही दूसरी पाली में कुल दो हज़ार एक सौ बावन परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिसमे भी काफी संख्या में परीक्षार्थी अनुउपस्थित रहे । गुरुवार को सम्पन्न हुई दोनों परीक्षाओं में कठिन सवालों ने विद्यार्थियों को मुश्किल में डाला। क्योकि इंजनियरिंग में न्यूमेरिकल थ्योरी पर ज्यादा शिक्षा दी जाती है। लिहाज़ा प्रश्न पत्रों पर ज्यादा ज़ोर इन्ही से संबंधित प्रश्नों पर रहा। हालाँकि विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पूर्व से ही तैयारी की थी। लिहाज़ा अच्छे कॉलेज मिलने को लेकर सब आश्वस्त नज़र आये।

परीक्षा में बड़ी संख्या में विद्यार्थीओ की अनुउपस्थिति पूरे परीक्षा के दौरान चर्चा का विषय बनी रही। क्योकि पहले यह प्रवेश परीक्षा दो मई को होनी थी। लेकिन फिर सर्वर में खराबी आने के चलते परीक्षा को स्थगित करना पड़ा। वही नई तिथि की घोषणा करने के बाद गुरुवार को परीक्षा आयोजित हुई। लिहाज़ा परीक्षा के स्थगित होने को विद्यार्थियों की कम उपस्थिति का कारण माना जा रहा है। लेकिन व्यापम के स्थानीय अधिकारी कम उपस्थिति के पीछे तारीख को वजह नही मान रहे। बल्कि उनका कहना है कि क्योकि इंजीनियरिंग में विद्यार्थियों का रुझान कम हुआ है। यही कारण है कि उपस्थिति कम देखी जा रही है।
माना जा सकता है कि व्यापम के सर्वर में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी । जिसके कारण परीक्षा को आगे खिसकना पड़ा। लेकिन छत्तीसगढ़ के साथ साथ कई विद्यार्थियों ने दूसरे प्रदेशों के पीईटी परीक्षाओं के लिए भी आवेदन कर रखा था। परंतु नई तारीख पर प्रवेश परीक्षा होने के कारण उन्हें उन परीक्षाओं को छोड़ना पड़ा। निश्चित तौर पर व्यापम को अपनी व्यवस्थाओ को पुख्ता रखने के साथ साथ समय समय पर उसकी मोनिटरिंग भी करानी चाहिए। जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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