
रमेश राजपूत
मुंगेली – जिले के चिल्फी थाना क्षेत्र के ग्राम घानाघाट में 24 वर्षीय युवक अरूण पटेल उर्फ वेद प्रसाद पटेल की संदिग्ध मौत की गुत्थी पुलिस ने करीब 12 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। जांच में हत्या के पीछे अवैध संबंध, वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग और उससे परेशान होकर रची गई हत्या की साजिश सामने आई है। मामले में पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, 30 जुलाई की रात ग्राम घानाघाट में रामचंद पटेल के घर के पास अरूण पटेल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था।

सूचना के बाद डिंडौरी चौकी और चिल्फी थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की। जांच के दौरान पुलिस को मृतक और आरोपी दंपती के बीच पुराने संबंधों की जानकारी मिली। करीब तीन वर्ष पहले अरूण पटेल, मुकेश पटेल और उसकी पत्नी मनीषा पटेल मजदूरी करने महाराष्ट्र गए थे, जहां तीनों एक ही कमरे में रहते थे। इसी दौरान अरूण और मनीषा के बीच कथित अवैध संबंध स्थापित हो गए। पुलिस के अनुसार, संबंधों के दौरान अरूण ने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया था। गांव लौटने के बाद यही वीडियो विवाद की सबसे बड़ी वजह बन गया।

आरोप है कि अरूण वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मनीषा को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। परेशान मनीषा ने पूरी बात अपने पति मुकेश को बताई। दोनों ने अरूण को समझाने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर धमकी और ब्लैकमेलिंग जारी रही। इसके बाद पति-पत्नी ने अरूण को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। पुलिस के अनुसार, योजना के तहत दोनों ने अरूण को अपने घर बुलाया। वहां उसे दूध में नींद की दवा मिलाकर पिलाई गई। दूध पीने के बाद जब अरूण बेहोशी की हालत में पहुंच गया, तब आरोपियों ने गमछे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को घर से दूर रामचंद पटेल के घर के पास फेंक दिया गया। पुलिस के मुताबिक, मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल गमछा मनियारी नदी में फेंक दिया गया। मर्ग जांच में हत्या के तथ्य सामने आने के बाद चिल्फी थाने में अपराध क्रमांक 112/26 के तहत धारा 103, 238(ए), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी मुकेश पटेल 34 वर्ष और उसकी पत्नी मनीषा पटेल 27 वर्ष, दोनों निवासी घानाघाट, को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने हत्या करना स्वीकार किया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर 17 अगस्त को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक रघुबीर लाल चंद्रा, डिंडौरी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मानसिंह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।