
रमेश राजपूत

बिलासपुर- राशनकार्ड नवीनीकरण प्रक्रिया के बाद अब तक जिले में सभी हितग्राहियो को राशनकार्ड का वितरण भी नही किया गया है, जिसकी वजह से कई समस्याएं राशन वितरण में सामने आ रही है। पुराने राशन कार्ड तो हितग्राहियो के पास है वहीँ नए डाटा की पीडीएफ फाइल सभी जनपदों में उपलब्ध करा दी गई है फिर भी राशन लेने जाने पर हितग्राहियो को दुकान संचालकों की मनमानी का सामना करना पड़ रहा है। तखतपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत समडील के हितग्राहियो ने लिखित में जिला प्रशासन से शिकायत की है कि पात्र होने के बाद भी दुकान संचालक द्वारा 10 किलो चावल ही प्रदान किया जा रहा है और जब उससे पात्रता के अनुसार राशन की मांग की जा रही है तो दुर्व्यवहार कर जिससे शिकायत करनी है कर दो ऐसा कहकर भगा दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस दौरान बताया कि ग्राम पंचायत में नव संघर्ष महिला समिति द्वारा राशन दुकान का संचालन किया जा रहा है, जहाँ सेल्समैन नरेश यादव द्वारा मनमानी की जा रही है, गांव में लगभह 550 पात्र राशनकार्डधारी हितग्राही है, जिन्हें केवल 10 किलो ही चावल वितरित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। शासन से मिल रहे राशन पर राशन दुकान संचालक बट्टा लगा रहे है। शासन से तो पूरा राशन जारी किया जा रहा है लेकिन हितग्राहियो को केवल नाममात्र राशन ही मिल पा रहा है।
पीडीएस योजना फंसी प्रकिया में...

नवीनीकरण प्रक्रिया शुरू होते ही यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ डेटा सुधार कार्य होने से गड़बड़ी भी होगी और यह सच मे हुआ भी, कई हितग्राहियो के नाम कट गए तो कई हितग्राहियो के परिजनों के नाम नही जुड़ पाए, इसके बाद भी शासन के दबाव के कारण आनन फानन में प्रक्रिया पूर्ण की गई और प्राप्त आकंडो की फाइल तैयार कर सभी जनपदों, निकायों को भेज दिया गया, वही इसके बाद लगातार राशनकार्ड में गड़बड़ी और त्रुटियों की शिकायत सामने आ रही है। शासन की व्यवस्था को प्रक्रिया में उलझा कर गरीबो के राशन को हजम किया जा रहा है, जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण तखतपुर के ग्राम पंचायत समडील में सामने आया है जिसकी जांच होनी चाहिए।