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रायगढ़- खरसिया डभरा रोड में एसबीआई बैक के सामने से हुए 13 लाख के लूट के मामले में सत्याग्रह ने पहले ही किसी साजिश की आशंका जाहिर की थी और पुलिस जांच में इसका खुलासा भी हो गया, दरअसल घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक रायगढ़ संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर एसडीओपी खरसिया पितांबर पटेल के नेतृत्व में थाना खरसिया, थाना छाल, चौकी खरसिया एवं सायबर सेल को माल मुल्जिम की पतासाजी के निदेश दिए गए थे, पुलिस की टीम प्रार्थी, गवाहों से पूछताछ कर घटना की तस्दीकी के साथ उपलब्ध संसाधनों से माल मुल्जिम की पतासाजी कर रही थी, देर शाम रात तक बैंक से आरोपियों के भागने के रास्तों पर लगे सीसीटीवी फुटेज को निकाला गया । जिसमे कार्तिक राम पुलिस टीम को आरोपियों के भागने का रास्ताे उल्टा बता रहा था जिस पर पुलिस को संदेह हुआ तथा कुछ सीसीटीवी कैमेरे के फुटेज में एक बाइक में दो नकाबपोश व्यक्ति दिखे जो प्रार्थी अगतराम से लूटी हुईथैला व बैग पकड़े दिख रहे थे । प्रार्थी अगतराम व विकास देवांगन को भी फुटेज दिखाया गया जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे नकाबपोश व्यक्ति को कार्तिक राम रात्रि के पुत्र विक्रम रात्रे के रूप में पहचान की जिस पर पुलिस टीम द्वारा विक्रम रात्रे को हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ की गई, तब विक्रम रात्रे ने अपने साथी चित्रसेन सतनामी निवासी तेलीकोट के साथ उसके बड़े पिताजी अगतराम से रुपए लूट कर भागना बताया एवं घटना के साजिशकर्ता अपने पिता कार्तिक राम रात्रे को बताया ।

पुलिस टीम ने कार्तिक राम रात्रे से पूछताछ किया गया तो उसने अपनी साजिश से पर्दाफाश कर बताया कि उसे ठेकेदार कन्हैया राठौर के सेल्फ चेक से काफी बड़ी रकम SBI खरसिया से निकाले जाने की जानकारी पूर्व से थी । उसने रूपये लूट करने की योजना में अपने पुत्र विक्रम रात्रे और तेलीकोट के चित्रसेन सतनामी को भी शामिल किया जिन्हें अपनी योजना बताया और पूर्व सुनियोजित तरीके से अपनी स्कार्पियो CG11 AM-3999 में स्वयं तथा बिना नम्बर ग्लैमर बाईक में बेटे विक्रम और चित्रसेन के साथ बैंक के बाहर लूट की तैयारी के साथ पहुंचे थे । खरसिया पुलिस द्वारा आरोपियों के अपराध कबूलनामे के बाद आरोपी विक्रम रात्रे से ग्लैमर बाईक बिना नम्बर तथा 13 लाख रूपये बरामद कर जप्त किया गया है वहीं आरोपी कार्तिक राम रात्रे से स्कॉर्पियो सीजी 11 एएम 3999 व एक मोबाइल जप्त कर गिरफ्तार किया गया है ।