बिलासपुर

जिले में रैपिड किट से कोरोना जांच शुरू, जल्द ही सामने आ रहे रिजल्ट….

भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – अंचल में कोरोना टेस्ट की धीमी गति को तेज करने राज्य सरकार ने प्रदेशभर में रैपिड किट को उपयोग में लाने निर्णय लिया है। जिसमे कटघोरा के बाद शनिवार को करीब 100 रैपिड किट सीएमएचओ ऑफिस को प्राप्त हुई है। जांच किट आने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के पास नेता और आला अधिकारीयों की फोन आने शुरु हो गए है। जिन्होंने संदेहियों से पहले ही खुद अपनी जांच कराने की इच्छा जाहिर की। जिसके चलते जिला प्रशासन और अन्य दो दर्जन से अधिक अधिकारीयों कर्मचारीयों का शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने जांच किया। अब स्थिती यह है कि स्वास्थ्य विभाग के पास गिनती के ही जांच किट बचे हुए है। रैंपिड किट की संख्या कम होने से सभी का जांच इससे कर पाना संभव नहीं है। जिले में अभी भी सैकड़ो संदेहियों का कोरोना टेस्ट नही हुआ है। आपको बता दे पूर्व में इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट को स्वीकृति मिलते ही राज्य सरकार ने 75000 रैपिड किट की खरीदी को मंजूरी दे दी थी। जिसके बाद जिले से भी स्वास्थ्य विभाग ने दस हजार रैपिड किट की मांग की थी। जिसके बाद शनिवार को लगभग 100 रैपिड किट स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दी गई है। वही रविवार को लगभग 800 से अधिक रैपिड किट आने की बात कही जा रही है। मालूम हो बीते दिनों कोरबा जिले में जो रैपिड किट भेजी गई थी। उसमें कई जांच रिपोर्ट गलत निकले थे। जिसके बाद केंद्र ने चीन की रैपिड किट से जांच पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन जो किट वतर्मान में स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध हुई है। वो चीन की नहीं दक्षिण कोरिया की कंपनी द्बारा निर्मित किट है। इस किट से जांच के लिए शासन से अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही और किट आएगी जिसके बाद सभी लोगो का जांच इससे हो पाएगा। 

बिलासपुर विधायक की भी हुई कोरोना जांच.

स्वास्थ्य विभाग के पास पहले खेप में आए रैपिड टेस्ट किट के साथ शनिवार को मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद महाजन नगर विधायक शैलेश पांडे के शासकीय आवास पहुँच। उनका कोरोना जाच किया। जिसमे बिलासपुर विधायक का रिपोर्ट निगेटिव आया। 

दो प्रकार के किट से हो रहा जांच,,मिनटों में रिपोर्ट होगा स्पष्ट..

कोरोना संक्रमण के जांच के लिए दो तरह के किट आए है। एक किट एंटीजीन बेस्ड है और दूसरा एंटी बॉडी बेस्ड है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीयों के अनुसार दुनिया के तमाम देश कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए फ़िलहाल एंटी जीन बेस्ड टेस्ट का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके मुताबिक़ एंटी जीन बेस्ड टेस्ट वायरस का पता लगाने के लिए किया जाता है। जबकि दूसरा किट एंटी बॉडी बेस्ड टेस्ट किट है जो कोरोना संक्रमण के रिकवरी के बाद के स्टेज का पता लगाने के लिए किया जाता है। वैसे तो कोरिया रैपिड किट से जो जांच के बाद रिपोर्ट आने में कम से कम 2 मीनट या अधिक से अधिक 40 मीनट का समय लगता है लेकिन जिले में जो किट आई है उसमें 2 मीनट में ही रिपोर्ट मिल रहा है।

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