
भुवनेश्वर बंजारे
बिलासपुर – स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा और राष्ट्रभक्ति की अमर भावना से ओत-प्रोत राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को राजकिशोर नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में भव्य समारोह का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर सेवानिवृत्ति वन मंडल अधिकारी राधा रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वही कार्यक्रम के अध्यक्षता शरद चंदेल द्वारा की गई। साथ ही कार्यक्रम में सेवानिवृत्ति सहायक परियोजना अधिकारी राम दत्त गौराहा प्राचार्य, अर्चना जोशी और बसंत दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के भव्य स्वागत से हुई। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत नृत्य और भाषण ने पूरे समारोह को उत्साह और उल्लास से भर दिया। जैसे ही “वंदे मातरम” का सामूहिक गायन प्रारंभ हुआ, पूरा सभागार देशभक्ति की भावना से गूंज उठा।
गीत की पंक्तियों ने हर हृदय में मातृभूमि के प्रति असीम प्रेम और सम्मान की भावना जगा दी। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक महत्व और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है इस दौरान मुख्य अतिथि राधा रमन सिंह ने “वंदे मातरम” की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उसके संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गीत भारत की आत्मा का स्वर है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हर भारतीय के मन में स्वाभिमान और त्याग की भावना जगाई। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि माँ भारती के प्रति प्रेम, समर्पण और आदर का यह भाव हर पीढ़ी में जीवित रहना चाहिए यही सच्ची देशभक्ति है। वही विशिष्ट अतिथि राम दत्त गौराहा ने कहा कि राष्ट्रीय गीत देश के गौरव और देशभक्ति की भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, एकता और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है। उन्होंने आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद थे। कार्यक्रम को सफल बनाने स्कूल के प्राचार्य भूपेंद्र गौरहा ,स्वाति साहू, रिया पाठक, अंबे राजपूत की अहम भूमिका रही।