
हरिशंकर पांडेय
मल्हार – लोक निर्माण विभाग के अधीन मल्हार का इकलौता मुख्य मार्ग अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। विभागीय उदासीनता के चलते इस मार्ग में लोगो का चलना भी दूभर हो गया है। सबसे ज्यादा बदतर स्थिति बस स्टैंड से मेला चौक तक है जहां इतने बड़े बड़े गड्ढे है कि रास्ते ढूंढने के लिए मोटरसाइकल सवारो को गाड़ी से उतरना पड़ जाता है, ज्यादा बरसात होने पर रास्ता पूरी तरह पानी मे डूब जाता है जिसके कारण आए दिन हादसे होते रहते है। वर्षो पहले विभाग ने सड़क के एक तरफ नाली तो बनवा दिया परन्तु नाली के लेबल को ध्यान में नही रखा गया जिसके कारण पानी निकासी नही हो पाता और पूरे बरसात व घरों का पानी सड़क में ही आता है।

बस स्टैंड से माँ डिडनेश्वरी मंदिर तक के मात्र डेढ़ किमी सड़क में जगह जगह गड्ढे बन गए है सबसे ज्यादा गड्ढे पुलिस चौकी तक है इसके अलावा रोड अत्यंत सकरा भी है जिसके चलते आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती रहती है यहां तक पहुचते पहुचते लोग हलाकान हो जाते है। एक तरफ सकरी रोड तो दूसरी तरफ गड्ढे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आवागमन में लोगो को किस तरह परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा। बस स्टैंड से मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण की मांग कई बार हो चुकी है परन्तु शासन प्रशासन का ध्यान इस तरफ अब तक नही गया है जिसके चलते मल्हार का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है वही टूरिज्म के लिए आने वाले लोग मुख्य मार्ग की दुर्दशा देखकर दूसरी बार मल्हार के लिए सोचते है। आगामी 15 अक्टूबर से नवरात्र पर्व प्रारम्भ हो रहा है जिसके मद्देनजर लोक निर्माण विभाग को तत्काल सड़क मरम्मत कराने की आवश्यकता है। यह इकलौता मुख्य मार्ग मल्हार की बस्ती व मंदिर के अलावा आसपास के कई गावो को जोड़ता है साथ ही जांजगीर चाम्पा जिले से भी सम्पर्क बनाती है।

ऐसे में इतने महत्वपूर्ण सड़क का जीर्णोद्धार व चौड़ीकरण का अब तक नही होना स्थानीय जनप्रतिधि व क्षेत्रीय विधायक व सांसद के विकास की बात खोखला साबित हो रहा है। स्थानीय लोगो का मानना है कि जब तक इस मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण नही होगा तब तक धर्मनगरी मल्हार का व्यापार व पर्यटन आगे नही बढ़ सकता। खराब सड़क को लेकर पीडब्लूडी के इंजीनियर को कोई सरोकार नही है इसीलिए तो वे किसी का फोन भी नही उठाते। मस्तूरी एसडीएम बजरंग वर्मा का कहना है कि वे दौरे पर मल्हार आकर देखेंगे कि क्या स्थिति है साथ ही पीडब्लूडी के अधिकारियों से भी बात करेंगे।